मेदिनीनगर। पलामू का पिपरा बाजार शनिवार की शाम गोलियों की आवाज से थर्रा उठा। बाइक सवार संदिग्ध नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर झामुमो नेता समेत दो लोगों की हत्या कर दी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। मृतकों की पहचान झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष मोहन गुप्ता और सूरज सोनी के रूप में हुई है। दो अन्य लोग घायल हो गये। उन्हें गंभीर हालत में मेदिनीनगर सदर अस्पताल भेजा गया है। मोहन गुप्ता पिपरा प्रखंड प्रमुख संध्या देवी के पति थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हथियारबंद नक्सली मोहन गुप्ता को ही टारगेट किये हुए थे। घटना शनिवार की शाम छह बजे की है। उस समय गुप्ता भाजपा नेता सूरज सोनी की फल दुकान के पास बैठे हुए थे। बाइक पर आये नक्सलियों ने एके 47 से फायरिंग शुरू कर दी। इसमें मोहन गुप्ता, सूरज सोनी, गोलू सोनी और राजकुमार सोनी को गोली लगी। गोलीबारी के बाद पूरे इलाके में भगदड़ मच गयी। जिस समय घटना घटी, उस समय बाजार में भारी भीड़ थी। लोग रोजमर्रा का सामान खरीद रहे थे कि अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां झामुमो नेता मोहन गुप्ता की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। बाद में मेदिनीनगर सदर अस्पताल ले जाते समय सूरज सोनी की रास्ते में मौत हो गयी। बाकी दो घायलों को रिम्स भेजा गया है। घटना के बाद पिपरा बाजार में सन्नाटा पसर गया। स्थानीय पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। घटनास्थल से पुलिस ने नक्सलियों के वोट बहिष्कार से संबंधित कई पर्चे जब्त किये गये हैं।
ग्रामीणों के अनुसार मोहन गुप्ता और सूरज सोनी को एके 47 से आठ-10 गोली मारी गयी। मोहन गुप्ता कई वर्षों से नक्सलियों के निशाने पर थे। उन पर 2012 में भी नक्सलियों ने हमला किया था। उस समय उनकी कार को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। नक्सलियों के खात्मे के लिए मोहन गुप्ता ने पिपरा थाना भवन बनवाया था। इसके बाद से ही नक्सलियों ने उन्हें टारगेट कर रखा था।
लोहरदगा में सड़क बना रही दो जेसीबी मशीन जलायी
लोहरदगा। चंदवा हमले के 24 घंटे बाद नक्सलियों ने लोहरदगा में उत्पात मचाया है। शनिवार तड़के साढ़े चार बजे के करीब नक्सलियों ने किस्को थाना अंतर्गत मसूरियाखाड़ के पास सड़क निर्माण में लगी दो जेसीबी मशीन को जला दिया। सड़क निर्माण में लगी एजेंसी को लगभग 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नक्सलियों ने सड़क निर्माण का काम बंद करने की चेतावनी भी दी है। यह एजेंसी किस्को मोड़ से रिचुघुटा तक सड़क बना रही है। घटना की जानकारी मिलने के साथ ही लोहरदगा पुलिस नक्सलियों की घेराबंदी को लेकर छापेमारी अभियान में जुट गयी है। जानकारी के अनुसार इस वारदात के पीछे भाकपा माओवादी के रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू के हथियारबंद दस्ते का हाथ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नक्सलियों का हथियारबंद दस्ता मसूरियाखाड़ के समीप पहुंचा और ठेकेदार के बारे में पूछा। फिर साइट को चारों तरफ से घेर लिया और वहां खड़ी दो जेसीबी मशीनों में आग लगा दी। उन्होंने धमकी दी कि कल ही पुलिस के जवानों को मारा है। उसके बाद भी काम बंद नहीं हो रहा है। अबकी बार काम शुरू हुआ तो इससे भी बड़ी घटना को अंजाम देंगे। एसपी प्रियदर्शी आलोक ने घटना की पुष्टि की है।
चुनाव आयोग गंभीर, एमके दास को बनाया विशेष पुलिस पर्यवेक्षक
रांची/लातेहार। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चंदवा में हुई नक्सली वारदात को लेकर चुनाव आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है। आयोग ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए झारखंड के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। आयोग ने मणिपुर के पूर्व डीजीपी और 1977 बैच के आइपीएस मृणाल कांति दास को तत्काल रांची भेज दिया। यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के हवाले से मुख्य चुनाव अधिकारी विनय चौबे ने दी। दास को पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान त्रिपुरा और मिजोरम का विशेष पर्यवेक्षक बनाया गया था।
चुनाव आयोग ने राज्य में सुरक्षित मतदान कराने के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश प्रशासन को दिया है। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती और संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त गश्त के निर्देश जारी किये गये हैं। राज्य के 13 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान 30 नवंबर को होना है। ये सभी क्षेत्र पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, गुमला और लोहरदगा जिले में हैं।
लातेहार में शहीदों को दी गयी सलामी
इधर चंदवा में नक्सली हमले में शहीद पुलिसकर्मियों को शनिवार को यहां पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि दी गयी। डीजीपी कमल नयन चौबे और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों को कंधा भी दिया। बताते चलें कि लुकुइया गांव में शुक्रवार की रात पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार जवान शहीद हो गये थे। इनमें एक एएसआइ भी शामिल थे।
शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद डीजीपी ने मीडिया से कहा कि लातेहार जिला हमेशा से संवेदनशील रहा है। विधानसभा चुनाव को लेकर हमारी पेट्रोलिंग पार्टी सड़क पर थी। नक्सलियों ने पहले से घात लगाकर पुलिस पर हमला कर दिया। इसमें एक एएसआइ और होमगार्ड के तीन जवान शहीद हो गये।
जल्द लिया जायेगा शहादत का बदला
डीजीपी ने कहा कि हमला करने वालों की पहचान हो गयी है। पुलिस ने दिन और तिथि निर्धारित नहीं की है, लेकिन एक सप्ताह से दस दिन के अंदर शहीद हुए जवानों का बदला जरूर लिया जायेगा। डीजीपी ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान बदस्तूर चलता रहेगा।