रांची। झूठ और फरेब जहां समाप्त होता है, वहीं से लोकतंत्र मजबूत होता है। बेरमो और दुमका में भाजपा के नेताओं ने भ्रम फैलाने की कोशिश की, पर जनता ने उन्हें नकार दिया। भाजपा का झूठ धरा का धरा रह गया। मंगलवार को झामुमो के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में ये बातें पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहीं। उन्होंने कहा कि दुमका और बेरमो में तीन-तीन पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार में लगे रहे। उन्होंने उपचुनाव में सरकार के दस महीने के परफॉरमेंस का हिसाब मांगा। जबकि सरकार के दस महीने के कार्यकाल में सात महीने कोरोना से ही जूझने मेें खत्म हो गये। उन्होंने एक काम गिनाने को कहा और हमने 36 कार्यों की फेहरिस्त दी। अंडमान-निकोबार और लेह से मजदूरों को सरकार एयरलिफ्ट कराकर लायी। इसके बाद उन्हें रजिस्टर्ड करके रोजगार दिलाया। यह साफ करता है कि राज्य सरकार की इच्छाशक्ति क्या है और सरकार कितनी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मंगलवार का दिन राज्य के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन बुधवार का दिन अभूतपूर्व है। बुधवार को झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार आदिवासी-सरना धर्म कोड पर प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजेगी। दुमका और बेरमो का फैसला आदिवासी-सरना धर्मकोड पर जनता की मुहर है। उन्होंने कहा कि केंद्र में छह वर्षों से भाजपा की सरकार है।
सरकार में आदिवासी मंत्रालय झारखंड के पास ही रहा, पर आदिवासियों के हित में काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दुमका और बेरमो में मीडिया ने सही दिखाया और सही संदेश दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दुमका और बेरमो में उपचुनाव महागठबंधन के लिए कोई लिटमस टेस्ट नहीं था। पहले भी ये सीटें हमारे पास थीं और अब जनता ने फिर से हमें आशीर्वाद दिया है। इससे यह साफ हो गया है कि भाजपा का भ्रम अब फैलनेवाला नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में होनेवाले चुनावों में भी जनता का जनादेश हमें मिलेगा। बिहार विधानसभा चुनाव में झामुमो के प्रदर्शन पर सुप्रियो ने कहा कि अभी वहां पार्टी को और परीक्षाएं देनी हैं।
कहा कि हमारे पास साधन कम थे और संगठन के बल पर हम चुनाव लड़े थे। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। चुनाव में जो राजनीतिक दगाबाजी एनडीए के भीतर हुई है, उससे बिहार चुनाव के बाद जदयू को भी भाजपा खोने जा रही है। शिवसेना और अकाली दल तो पहले ही उसका साथ छोड़ चुके हैं। उपचुनाव में महागठबंधन की जीत तय करने के लिए उन्होंने जनता को धन्यवाद दिया।