आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हेमंत सोरेन पलामू पहुंचे हैं। पलामू में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमकर भाजपा की सरकार पर निशाना साधा है उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से जब बीजेपी हमसे लड़ने नहीं सक रही है तो वह संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। कभी इडी के जरिए, कभी सीबीआई के जरिए तो कभी इनकम टैक्स के जरिए। मुझे भी इडी ने बुलाया है। कल नोटिस देते हैं और आज कहते हैं आ जाओ क्या हम लोग संवैधानिक पद पर नहीं बैठे हुए हैं। जो जब इनका मन किया बुलाया और हम पहुंच गये। हम नौजवानों को नौकरी और रोजगार से सवार रहे हैं। नौजवानों का भविष्य सुरक्षित करने में सरकार लगी है। ढाई सौ बच्चों को हमने इतने कम दिनों में जेपीएससी में नियुक्ति करवाई उसमें से कुछ बच्चे तो ऐसे हैं जो बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इस बारबीपीएल धारी के बच्चों ने, किसान के बच्चों ने और आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के बच्चों ने जेपीएससी पास किया है। लेकिन पिछले 20 सालों से जो भाजपा ने जेपीएससी की हालत ऐसी बना कर रखी थी जो बद से बदतर थी। जेपीएससी की हालत अब धीरे-धीरे सुधार हो रही है। अब आगे चलकर बड़े पैमाने पर पुलिस की बहाली की जाएगी, 50000 शिक्षकों की भी नियुक्ति की जाएगी। लेकिन हमारे विपक्ष को यह काम अच्छा नहीं लग रहा है। हम घर-घर योजनाओं का लाभ लाभुकों को दे रहे हैं यह बात उनको पच नहीं रहा है। पहले तो यह लोग सिर्फ कागज पर ही योजनाओं को दिखा कर रह जाते थे। गरीब को राहत मिलेगी कहां से। आज भी हमारे कई विधायकों के यहां छापेमारी चल रही है। छापेमारी में जो अधिकारी छापेमारी करने पहुंच रहे हैं वह भाजपा के अधिकारी हैं क्योंकि वह भाजपा की गाड़ियों से छापेमारी करने हमारे विधायकों के यहां पहुंच रहे हैं। राज्यराज्य के जनादेश को भाजपा केवल ठेंगा दिखाने का काम कर रही है इसलिए गांठ बाद दीजिए इस लोकतंत्र में जनता के पास बहुत बड़ा ताकत होता है। वोट की ताकत होती है। ऐसे सामंती सोच वालों को पहचान कर रखिए जो आपके अधिकारों को लूट कर अपना घर भरते हैं। इनके परिवार लाखों करोड़ लेकर विदेश भाग जाते हैं और यहां हमारे किसान और गरीब उसका भुगतान भोगते हैं। बड़ा विचित्र हालत है। राज्य में ऐसी अराजकता देश आजाद होने के बाद कभी नहीं देखी गई। ईडी, सीबीआई के लोग भारतीय जनता पार्टी के गाड़ी से पहुंच रहे हैं छापामारी करने। भाजपा को शर्म आना चाहिए। डूब कर मर जाना चाहिए और यह हमें नैतिकता की बात सिखा रहे हैं।
आदिवासियों को बेइज्जत कर रहे हैं यह नोटिस देकर के आदिवासियों को बेइज्जत कर रहे हैं। इनको पता नहीं है कि एक आदिवासी का बेटा गरीबों के लिए काम कर रहा है। इनको पता है कि गरीब पिछड़ा जब मजबूत होगा तो इनकी दाल नहीं गलेगी। इसलिए इन सब चीजों को समझना पड़ेगा कि आज के हालात में इनकी जो सोच है, इनकी जो बेशर्मी है, इतने नीचे स्तर तक जा चुकी है कि इसका अंदाजा नहीं लगा सकेंगे। हम से नहीं सकते हैं। इसलिए सरकार को आपने उखाड़ कर फेंक दिया। नहीं तो 20 साल भाजपा को राज्य की जनता का आशीर्वाद मिला ही था लेकिन इसके बदले जनता को क्या मिला धोखा, फरेब, लूट े सच्चाई ईमानदारी जरूर थोड़ी देर के लिए डरा धमका दिया जाता है लेकिन कोई उसे परास्त नहीं कर सकता। हम इसका जवाब देने के लिए तैयार हैं। आज पेंशन योजना हो, आंगनबाड़ी योजना हो या फिर पारा शिक्षक का मसला हो सब का मसला हमने सुलझाया है।विपक्ष की जो षड्यंत्रकारी सोच है, यह लुटेरे हैं, यह आपके जेब से कैसे पैसे लूट लेंगे आपको पता भी नहीं चलेगा।
बचे लोगों को भी उखाड़ फेंकना है
हुए महंगाई आसमान छू रही है। यह किसी से छुपा नहीं है। ऐसे बेईमान लोग हैं जो नमक भी सौ से डेढ़ सौ रुपए किलो बेच रहे हैं। बाकी तेल पानी की तो बात ही छोड़िए । पढ़ाई महंगा, कपड़ा महंगा, जूता चप्पल महंगा, राशन सब महंगा, साग सब्जी सब कुछ महंगा है। भाजपा गैस सिलेंडर मुफ्त बांटने की बात करती है, सब जानता है कि कितना गैस सिलेंडर मुफ्त दिया जा रहा है। यह ऐसी व्यापारियों की जमात है जो देगा नहीं बल्कि आपसे लूटेगा। हम इन जेब कतरों की नस नस से वाकिफ हैं। राजनीतिक अखाड़े में आने वाले समय में जो इनके बचे लोग हैं उनको उखाड़ फेंकगे। यह आदिवासी बहुल राज्य है। पहली बार इस राज्य में दो दिवसीय आदिवासी दिवस मना लेकिन 20 साल में कभी भी भाजपा के लिए आदिवासी संवेदना दिखाई नहीं दी। और आज ये राज्य आदिवासियों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। पलामू प्रमंडल में जो दुबिया घाट में मेला लगता है उसे भी सरकार ने राजकीय मेला घोषित कर दिया है। आज कहीं ना कहीं इस राज्य में जो आदिवासी अल्पसंख्यक दलित एकता का जो परिचय है उसे विपक्ष जात धर्म के नाम पर तोड़ना चाहता है। एक दूसरे को लड़ाना चाहता है। ऐसा दिमाग में जहर डाल देता है कि आपको अपने आप से घृणा होने लगती है। बड़े ही विचित्र है ये लोग। इन लोगों ने समाज को अस्त-व्यस्त कर के रख दिया है। जहां देखो वहीं जात धर्म के नाम पर लड़ाई है दंगा है। गुजरात मॉडल का हाल आपने देख लिया। आॅन रिकॉर्ड कहा जा रहा कि 134 लोगों की मौत हो गई । लेकिन मुझे तो लगता है कि 200-300 लोगों की मौत हुई है। उनके मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। इनको सबको पता था कि यह पुल कमजोर है उसके बावजूद उस पर लोगों को चढ़ा दिया। भाजपा के लोग लाशों पर भी राजनीति करते हैं।कभी सोनिया गांधी, कभी राहुल गांधी, कभी अरविंद केजरीवाल, कभी मनीष सिसोदिया, कभी ममता बनर्जी को समन करेंगे लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को यह कभी समन नहीं करते हैं और खुद दूध का धुला बताते हैं। इनके व्यापारी मित्रों के पानी जहाज में बड़े पैमाने पर चरस गांजा मिलता है लेकिन वहां कोई सीबीआई, ईडी जांच नहीं की जाती और अगर हमारे किसान 5000-10000 चुकता नहीं कर पाते हैं तो दूसरे दिन नोटिस जारी हो जाता है। अब यह लोग संवैधानिक ताकत के बल पर राज करने का मनसा बना रहे हैं लेकिन मैं बता देना चाहता हूं यह देश वीर सपूतों का देश है। और झारखंड के तो कोने-कोने में वीर सपूत ही भरे हैं। इस देश की जनता ने अपने बल पर लोकतंत्र को खड़ा किया है। इसके साथ मजाक करने वाले लोग कभी नहीं जीत सकते हैं। इसका मुंहतोड़ जवाब हर 5 साल में को देना होगा।इसलिए आप सभी सरकार के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम में पहुंचे। आप किसी भी शिविर में जाकर अपना आवेदन दे सकते हैं। किसी भी शिविर में आपका आवेदन स्वीकार किया जाएगा। अपने जनप्रतिनिधियों को पकड़कर बोलिए कि हमें इन योजनाओं का लाभ दीजिए।