• मुख्यमंत्री ने सरायकेला में विपक्ष पर साधा निशाना

आजाद सिपाही संवाददाता
रांची/सरायकेला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य के वीर सपूतों ने जो सपने देखे थे, वे चूर-चूर हो गये। भाजपा का नाम लिये बगैरउन्होंने कहा कि अब तक उन लोगों ने शासन किया, जो इस राज्य के घोर विरोधी थे। तब भला वे इस राज्य की भलाई कैसे कर पाते। उन्होंने कहा कि राज्य बनने का भी लंबा इतिहास है। जब दिशो गुरु जी ने इस राज्य को बनाने का संकल्प लिया, ये विरोधी लोग मजाक उड़ाते थे। कहते थे कि यहां का मूलवासी-आदिवासी क्या राज्य ले सकता है? ये लोग तो हड़िया- दारू पीकर के पेड़ के नीचे पड़ा रहेगा। लेकिन एक संकल्प के साथ गुरु जी और अनगिनत लोगों ने इस राज्य की अलग पहचान बनायी। जब पहचान बनी, तो आज पहचान को और चार चांद लगाया गया। इसे मजबूती देने के लिए 1932 खतियान और सरना धर्म कोड पर भी हम लोगों ने मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री शनिवार को सरायकेला खरसावां में ‘आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।
विपक्षी साथ देने की जगह धरना-प्रदर्शन कर रहे : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अपने विपक्षियों से हमने कहा था कि थोड़ा तो साथ दो, आज केंद्र में तुम्हारी सरकार है। स्थानीयता और ओबीसी आरक्षण के मामले कोे नौवीं अनुसूची में केंद्र को भेजा है। केंद्र से इसे मुहर लगवाओ। जल्द से जल्द दोनों कानून राज्य में लागू हों। लेकिन ये लोग यहां धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। एन-केन प्रकारेण सरकार पर झूठा आरोप लगा कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हंै। हमने कह दिया है कि आने वाली इस राजनीतिक लड़ाई में इस राज्य का बुजुर्ग, दिव्यांग, विधवा और नौजवान बेरोजगार युवा आपको जवाब देगा। जिनको वर्षों तक आपने उसका अधिकार नहीं दिया। हेमंत सोरेन ने कहा कि कोई मुद्दा उनके पास अब बचा नहीं है। इसलिए वे सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विकास के कामों को रोकना चाहते हंै। सरकार ने राज्य के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है। यहां के मूलवासियों-आदिवासियों को सशक्त पहचान देने के लिए 1932 का खतियान और सरना धर्म कोड को लागू किया गया है। पेज तीन भी देखें

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