रांची। शहर के पिठौरिया स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में रविवार को भाई दूज धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान चैतन्य झांकी का आयोजन किया गया। संस्था की संचालिका बी के राजमती ने भाई दूज का टीका सभी को लगाया और मुंह मीठा किया।
भाई दूज के आध्यात्मिक रहस्यों को बताते हुए कहा कि वास्तव में मस्तक या दोनों भौहों के बीच भृकुटि का मध्य मनुष्य शरीर का वह स्थान है, जहां आत्मा निवास करती है। शिव शक्तियां मनुष्यों को अर्थ सहित ईश्वरीय ज्ञान का यह रहस्य भी सुनाती है। आत्मा अविनाशी है। कार्यक्रम में सभी ने एक -एक दीप जलाकर आने वाले समय में आत्मदीप जागृत रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर सुबोध कुमार, नरेश कुमार, डॉ अनिल कुमार, आशुतोष द्विवेदी, लीला देवी, ऊर्मिला देवी, रीता देवी, बसंती देवी, संपति देवी, कविता सेन, रोहित कुमार, चंदन, विनोद, रौशन सहित अन्य उपस्थित थे।