रांची। नये कानून के तहत जेल से रिहा करने के लिए निलंबित आइएएस पूजा सिंघल की ओर से दायर याचिका पर रांची (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई। पूजा सिंघल की ओर से बहस सुनने के बाद कोर्ट ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अधीक्षक को यह बताने का निर्देश दिया है कि पूजा सिंहल कब से जेल में हैं और उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि कितनी हुई है।

पूजा सिंघल की ओर से अधिवक्ता विक्रांत सिन्हा ने बहस की। कोर्ट ने जेल अधीक्षक को मंगलवार तक उक्त जानकारी देने का निर्देश दिया है। पूजा सिंघल के अधिवक्ता के मुताबिक, नये कानून के अनुसार किसी मामले में लंबे समय से जेल में बंद आरोपी की न्यायिक हिरासत की अवधि उक्त मामले में दी जाने वाली सजा की एक तिहाई है तो उसे बेल दी जा सकती है।

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