नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ ) ने लखनऊ में एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह के एक अहम फरार आरोपी विकास कुमार निम्मार को गिरफ्तार किया है। यह कॉल सेंटर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी कर रहा था।

सीबीआइ के अनुसार, एजेंसी ने 24 सितंबर 2024 को दर्ज एक मामले की जांच के दौरान यह कार्रवाई की। एजेंसी इससे पहले सितंबर 2024 में पुणे, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में चल रहे आरोपी से जुड़े चार अवैध कॉल सेंटरों को भी ध्वस्त कर चुकी है। ये कॉल सेंटर वीसी इंफ्रोमेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित होते थे और इनके संचालन में विकास निम्मार की मुख्य भूमिका थी।

मामला दर्ज होने के बाद से विकास निम्मार फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए सीबीआइ ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, पुणे की अदालत से वारंट प्राप्त किया। इसके बाद इसी साल 20 नवंबर को उसे लखनऊ स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

तलाशी के दौरान सीबीआइ ने उसके घर से 14 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और साइबर अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। इसी दौरान एजेंसी को लखनऊ में संचालित उसका एक और अवैध कॉल सेंटर मिला, जिसे सीबीआइ ने स्थान पर ही खत्म कर दिया।

इस कॉल सेंटर से 52 लैपटॉप और बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए, जिनका उपयोग साइबर अपराध नेटवर्क को चलाने में किया जा रहा था। सीबीआइ ने कहा है कि मामले की जांच जारी है।

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