पटना। NDA के विधायकों की बैठक में नीतीश कुमार को नेता चुना गया है। उनके नाम का प्रस्ताव बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने रखा, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। अब औपचारिक तौर पर यह फाइनल हो गया है कि एक बार फिर नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री होंगे। कल यानी 20 नवंबर को सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी समेत एनडीए के तमाम नेता मौजूद होंगे।

नीतीश कुमार 10वीं बार शपथ लेने जा रहे हैं। वह पहली बार 2000 में मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन बहुमत न मिलते ही 7 दिन बाद इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 2005 में आरजेडी शासन को चुनौती देते हुए प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटे, यहीं से ‘गुड गवर्नेंस’ का उनका ब्रांड मजबूत हुआ।

2014 में एनडीए से नाता तोड़ा और हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम पद छोड़ दिया और 2015 में लालू प्रसाद यादव के साथ हाथ मिलाया, महागठबंधन बनाया और तेजस्वी को डिप्टी सीएम बनाकर सरकार बनाई, लेकिन 2017 में एक बार फिर महागठबंधन छोड़ एनडीए में शामिल हो गए।

2022 में नीतीश ने एक बार फिर पलटी मारी और एनडीए छोड़कर महागठबंधन के साथ आ गए, लेकिन 2024 में दोबारा एनडीए की ओर रुख किया। अब 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के साथ ही वह 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

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