वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 692 अरब डॉलर के रक्षा बजट पर हस्ताक्षर दिया और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया। रक्षा बजट पर ट्रंप के हस्ताक्षर हो जाने के बाद उनकी सरकार को अपनी दक्षिण एशियाई रणनीति को लागू करने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा। इसके साथ ही अमेरिकी एजेंसियों को उत्तर कोरिया के प्रक्षेपास्त्र खतरे का मुकाबला करने के लिए अत्याधुनिक प्रक्षेपास्त्र क्षमता जुटाने का अधिकार भी प्राप्त हो गया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बजट पर कल हस्ताक्षर किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) के लिए इससे अच्छा अवसर नहीं हो सकता था। एनडीएए में सुरक्षा विभाग तथा ऊर्जा विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए 626 अरब डॉलर आवंटित किये गये हैं। इसके अलावा आकस्मिक विदेशी अभियानों के लिए अतिरिक्त 66 अरब डॉलर आवंटित किये गये हैं। सुरक्षा बजट में वर्जिनिया श्रेणी की पनडुब्बियों की खरीद समेत जहाज निर्माण के लिए 26.2 अरब डॉलर, 90 संयुक्त हमलावर लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 10.1 अरब डॉलर तथा सैन्य युद्धक वाहनों की खरीद के लिए 2.2 अरब डॉलर स्वीकृत किये गये हैं।
ट्रंप ने कहा कि हालिया वर्षों में सेना के बजट में कई बार कटौतियां की गयी जिससे इसकी तैयारी प्रभावित हुई, क्षमता कुंद हुई और जवानों पर बोझ पड़ा। उन्होंने कहा, ”आज इस सुरक्षा बजट पर हस्ताक्षर करते हुए हम अमेरिका की सैन्य पराक्रम को पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”हम लड़ेंगे और जीतेंगे। लेकिन उम्मीद है कि इसके बाद हमें लड़ना नहीं पड़ेगा क्योंकि लोग हमसे लड़ना ही नहीं चाहेंगे।
यह इस्लामिक इस्टेट को खत्म कर देने के हमारे सतत अभियान को पैसा मुहैया कराएगा। जैसा कि आप जानते हैं, हम सीरिया में जीते हैं, हम इराक में जीते हैं। लेकिन वे अन्य क्षेत्रों में फैल गये और हम उन्हें अधिक तेजी से खत्म कर रहे हैं।