मुंबई: यहां मेट्रो में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि मेट्रो किराये में वृद्धि को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार मेट्रो किराया निर्धारण के लिए समिति बनाए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुंबई मेट्रो तीन साल से घाटे में चल रही है। इस दौरान मेट्रो को 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जिससे उबरने के लिए किराया बढ़ाने का फैसला लिया गया, लेकिन इससे पहले यह मामला हाईकोर्ट जा पहुंचा जहां सरकार को तगड़ा झटका लगा है।
मामले पर सुनवाई के दौरान सोमवार को कोर्ट ने कहा कि सरकार मेट्रो किराया निर्धारण के लिए समिति बनाए और यह समिति यात्रियों के किराए का निर्धारण 3 महीने में करे और साथ ही कारण भी बताए। गौर हो कि इससे पहले 2015 में भी किराया बढ़ाने का परस्ताव आया था जिसे भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।