उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव में सपा के नेताओ को चुनाव टिकेट ना मिलने पर नेताओं ने पार्टी से बगावत कर ली थी. इन बागी नेताओं पर एक वक़्त सपा सरकार कारवाही करने का मन बना चुकी थी पर अब सपा कारवाही कि जगह उनसे हमदर्दी दिखा रही है. समाजवादी पार्टी अपने बागी हुए नेताओं को फिर से पार्टी में जोड़ने में जुट गयी है.
पार्टी का टिकेट ना मिलने पर बागी नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था. अगर आप बात करे लखनऊ कि तो 18 से ज्यादा बागी हुए नेताओं ने अपने-अपने छेत्र से पार्षद चुनाव में जीत हासिल की. पार्टी के लोगो के साथ लखनऊ में कुल 28 पार्षद है. समाजवादी पार्टी चाहती है कि बागी पार्षद औऱ जीते हुए पार्षद के एक साथ आ जाए ताकि सपा की ताकत बढ़ जाए. पार्टी बागी नेताओं को लुभाने में लगी है पर इस चीज़ पर फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को करना है.
आपको बता दे कि समाजवादी पार्टी को यह डर हो गया है कि कही उनके पार्टी से बागी हुए नेता बीजेपी में ना जुड़ जाए यही वह दर है जो समाजवादी पार्टी अपने बागी नेताओं को लुभाने में लगी है. सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि कई नेताओं ने घर वापसी के लिए पार्टी से संपर्क कर रही है. बहरहाल इस पर आखिरी फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष ही लेंगे.