नयी दिल्ली : भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के तीसरे और अंतिम मैच में आज श्रीलंका ने जीत के लिए दिये गये 410 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लंच के बाद तक पांच विकेट के नुकसान पर 243 रन बना लिये हैं. भारत की जीत के आगे सिल्वा (53) और डिकवेला (27) अड़ गये हैं. जैसे-जैसे मैच अपने आखिरी पड़ाव की ओर आगे बढ़ती जा रही है, ड्रॉ की संभावना बढ़ गयी है. गौरतलब हो कि टीम इंडिया मौजूदा श्रृंखला में 1-0 से आगे है. भारत ने दूसरे टेस्ट में धमाकेदार जीत दर्ज की थी.
लंच के समय डिसिल्वा 72 जबकि चांदीमल 27 रन बनाकर खेल रहे थे। दोनों पांचवें विकेट के लिए 84 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं जिससे टीम ने 410 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए चार विकेट पर 119 रन बना लिए हैं. डिसिल्वा ने अपनी पारी में अब तक 128 गेंद में नौ चौके और एक छक्का जडा है जबकि चांदीमल की 71 रन की पारी में दो चैके शामिल हैं.
श्रीलंका ने सुबह के सत्र में 31 ओवर में 88 रन जोडकर
एकमात्र विकेट एंजेलो मैथ्यूज का गंवाया. मैथ्यूज हालांकि दुर्भाग्यशाली रहे क्योंकि वह रविंद्र जडेजा (25 रन पर तीन विकेट) की जिस गेंद पर पवेलियन लौटे वह नोबाल थी. जडेजा ने 24 रन के स्कोर पर चांदीमल को भी बोल्ड कर दिया था लेकिन यह नोबाल हो गई.
श्रीलंका को जीत के लिए 291 जबकि भारत को छह विकेट की दरकार है. श्रीलंका ने तीन की शुरुआत तीन विकेट पर 31 रन से ही और जल्द ही कल के नाबाद बल्लेबाज और पहली पारी में शतकवीर एंजेलो मैथ्यूज (01) का विकेट गंवा दिया. दिन के छठे ओवर में गेंदबाजों के पैरों के निशान पर गिरने के बाद जडेजा की गेंद ने तेजी से स्पिन और उछाल के साथ मैथ्यूज के बल्ले का किनारा लिया और पहली स्लिप में अजिंक्य रहाणे ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की.
बाद में हालांकि टीवी रीप्ले में दिखा कि जडेजा का पैर क्रीज से बाहर था और यह नोबाल थी लेकिन मैदानी अंपायर जोएल विल्सन इसे देख नहीं पाये. डिसिल्वा सुबह लय में दिखे. उन्होंने इशांत शर्मा पर लगातार दो चौके जड़ने के अलावा जडेजा पर भी दो चौके मारे.
डिसिल्वा ने अश्विन पर चौके के साथ 92 गेंद में अपना तीसरा अर्धशतक पूरा किया और फिर कप्तान चांदीमल के साथ मिलकर 40वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया. जडेजा ने पारी के 44वें ओवर में 24 रन के निजी स्कोर पर चांदीमल को बोल्ड कर दिया लेकिन इस बार मैदानी अंपायर विल्सन ने तीसरे अंपायर से सलाह लेना बेहतर समझा जिन्होंने रीप्ले देखने के बाद इसे नोबाल करार दिया.