सिमडेगा। झारखंड की कोलेबिरा सीट पर 20 दिसंबर को हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नमन विक्सल कोंगाड़ी ने जीत दर्ज की। रविवार को हुए मतगणना में उन्होंने 9658 वोट से जीत दर्ज करवाई। कांग्रेस को 40343, भाजपा को 30685, राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी को 23799 और झारखंड पार्टी (झापा) को 16445 मत प्राप्त हुए। यहां मतदाताओं ने नोटा का भी खूब इस्तेमाल किया। 3694 वोट नोटा को मिला। नमन विक्सल कोंगाड़ी मतगणना के पहले राउंड से ही आगे चल रहे थे।
जंगल बचाओ आंदोलन से जुड़े हैं नमन विक्सल कोंगाड़ी
सिमडेगा के खूंटीटोली निवासी नमन विक्सल कोंगाड़ी वर्तमान आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं, पूर्व में वे युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं। जल, जंगल, जमीन की लड़ाई से इनकी जिले में पहचान बनी है। करीब दो साल से जंगल बचाओ आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं।
14 मतगणना टेबल
मतगणना के लिए 14 टेबल बनाए गए थे। 20 राउंड में मतगणना हुई। यहां उपचुनाव में 62.89% वोटिंग हुई थी। उपचुनाव में कोलेबिरा से पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। झापा (झारखंड पार्टी) की मेनन एक्का, भाजपा के बसंत सोरेंग, कांग्रेस के नमन विक्सल कोंगाड़ी, सेंगल पार्टी के अनिल कंडूलना और निर्दलीय प्रत्याशी बसंत डुंगडुंग। चुनाव में झामुमो और राजद ने झापा को तथा झाविमो ने कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन दिया था। इसी साल 3 जुलाई को कोर्ट ने कोलेबिरा विधायक व पूर्व मंत्री एनोस एक्का को एक शिक्षक की हत्या में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद एक्का की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इससे पूर्व सिल्ली व गोमिया विधानसभा में इसी साल 28 मई को हुए उपचुनाव में दोनों ही सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जीत दर्ज की थी।
दूसरी बार कोलेबिरा में उपचुनाव
जिले में 33 साल बाद दूसरी बार कोलेबिरा में उपचुनाव हुआ है। 1984 में तत्कालीन कोलेबिरा विधायक सुशील कुमार बागे के निधन के बाद उपचुनाव हुए थे। उस चुनाव में करीब 28 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था और 18 हजार वोट लाकर झारखंड पार्टी के वीरसिंग मुुंडा विजयी हुए थे। तब झामुमो की टिकट से लड़े थियोडोर किड़ो 10500 वोट लाकर दूसरे स्थान पर और कांग्रेस प्रत्याशी जोलेन समद साढ़े नौ हजार मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।