जामताड़ा/पाकुड़। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा है कि झारखंड के उसूलों और विचारों के साथ वह दगा नहीं कर सकते। कांग्रेस ने वोट और झामुमो ने सिर्फ झूठ और लूट की राजनीति की है, जबकि भाजपा यहां की भावना को समझ नहीं पायी। विधानसभा चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बुधवार को जामताड़ा, पाकुड़ और राजमहल में धुआंधार चुनावी सभाओं में उन्होंने कहा कि गांव की सरकार नारा नहीं, मेरी विचारधारा है। इस विचारधारा को चुनाव के जरिये स्थापित करना है। इसके लिए उन्होंने राज्य में एक वातावरण तैयार कर दिया है। चुनावी नतीजे गांव की सरकार की तरफ आते दिख रहे हैं। गांव की सरकार का पहला काम यही होगा कि आम आदमी को तकलीफ देने वाले अफसरों को गांव के ही पेड़ों के नीचे लाकर बैठाना। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी की यही सोच है कि जमीनी सवालों और जनमत का विश्वास जीतना है। उन्होंने कहा कि झामुमो ने 40 साल तक संताल परगना की सेवा ली है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने झारखंड की भावना को खरीदा, वरना 1993 में ही झारखंड अलग राज्य का गठन हो जाता। उन्होंने कहा कि झारखंड से कांग्रेस को कोई लगाव नहीं है। कांग्रेस को वोट से मतलब है और झामुमो को नोट से।

भाजपा से चुनाव लड़नेवाली कांग्रेस शिवसेना के साथ महाराष्ट्र में सरकार बनाती है। चाल, चरित्र और चेहरा का दंभ भरने वाली भाजपा का चेहरा भी सबके सामने है। आजसू प्रमुख ने पार्टियों के चरित्र को पहचानने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, भाजपा और कांग्रेस भावना से खेलती है। आप (आम आदमी) बीच में पीसे जाते हैं। हम प्रदेश का चुनाव राष्ट्रीय एजेंडे पर नहीं लड़ सकते। हम उन्हें चुनौती देते हैं कि सरकार आपने चलायी, तो उपलब्धियों पर लड़िये। प्रदेश की समस्या और उसके समाधान पर बात करिये। लेकिन राज्य के चुनाव में भावना को कुरेदा जा रहा है। आखिर एनआरसी से इस प्रदेश का क्या संबंध है।

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