रांची। पश्चिम बंगाल में होनेवाले विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारेगी। इसे लेकर 20 दिसंबर को पार्टी की कोलकाता में एक बैठक होगी। इस बैठक में चंपाई सोरेन भी हिस्सा लेंगे। शुक्रवार को झामुमो के बरियातू स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में ये बातें पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहीं। उन्होंने कहा कि पार्टी का पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ना तय है। पार्टी कितने सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी यह तय होना बाकी है। श्री भट्टाचार्य ने कहा कि बीते एक वर्ष में विपरीत परिस्थितियों में भी हेमंत सरकार ने जिस तरीके से काम किया है उससे भाजपा में बौखलाहट है। मध्य प्रदेश में नौ महीने में स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं हुआ है, पर यहां पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है। हम तो चाहते हैं कि राज्य में जल्द से जल्द पंचायत चुनाव हों। पर कई संवैधानिक व्यवस्थाएं भाजपा के कारण बाधित हैं।
विस की कार्यवाही के निर्णयों में दखल पहली बार
उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के निर्णयों में दखल देने का काम पहली बार राज्य में हुआ। विधानसभाध्यक्ष के निर्णय को चैलेंज किया जाता है। क्या संसदीय व्यवस्था में यह परंपरा रही है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या संवैधानिक संस्थाएं भाजपा के दफ्तर से चलेंगी। यह कौन सी व्यवस्था भाजपा कर रही है। भाजपा का तो एक साल पहले ही राम-नाम सत्य हो चुका है, उसके लिए तो अब चौदह वर्ष का वनवास लिखा है। भाजपा का जनता को दिग्भ्रमित करना और अपने लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग करना अच्छा नहीं है।
क्या आदिवासी के घर में जन्म लेना गुनाह है
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन जब नेता प्रतिपक्ष थे तो लगातार उनपर व्यक्तिगत हमला किया गया। जबकि हमने हमेशा नीतिगत लड़ाई लड़ी। क्या दिशोम गुरु शिबू सोरेन का बेटा होना गुनाह है, क्या आदिवासी के घर में जन्म लेना गुनाह है। भाजपा नीतिगत मामलों में किसी भी मंच पर बहस कर ले, हम इसके लिए तैयार हैं। पूर्व की भाजपा सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल और हेमंत सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल पर भी हम बहस के लिए तैयार हैं।
पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ेगा झामुमो : सुप्रियो भट्टाचार्य
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