आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। सोमवार को जेपीएससी अभ्यर्थी बनाम जेपीएससी विवाद में एक नया मोड़ आ गया। जब पीटी परीक्षा में उत्तीर्ण गुलाम हसन जेपीएससी कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठ गए। गुलाम हसन ने कहा कि जेपीएससी पर अब बिल्कुल भरोसा नहीं रहा। यूपीएससी के द्वारा आगे की परीक्षा ली जाये। जेपीएससी परीक्षा कराने में अयोग्य है। गुलाम हसन ने आगे कहा की जेपीएससी अध्यक्ष के गैर जिम्मेदाराना बयान, मुस्कुराते रहिए, निश्चिंत रहिए, सुनकर बेहद हताशा हुई। ऐसे महत्वपूर्ण पद पर बैठा आदमी ऐसी बातें कर रहा है, जबकि यहां इतनी धांधली हुई है। यह पूरी तरह जगजाहिर हो चुका। जहां 57 अयर्थीयों का ओएमआर शीट तक गायब था फिर उनमें से 49 को किस आधार पर उतीर्ण घोषित किया गया, यह भी समझ से परे है। अपने आगे की रणनीति को बताते हुए हसन ने कहा अगर जेपीएससी ही आगामी परीक्षा लेगी तो वह उसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि अब यूपीएससी द्वारा परीक्षा ली जानी चाहिए। अभी अभ्यर्थीयों के हित में एकमात्र यही विकल्प है।
5 लाख में 57 ओएमआर गायब होना मामूली बात : हिमांशु मोहन ( जेपीएससी सचिव)
जेपीएससी सचिव हिमांशु मोहन से आजाद सिपाही संवाददाता ने इस मुद्दे पर फोन से बात करने की कोशिश की तब उन्होंने साफ तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। 49 अभ्यर्थीयों की ओएमआर शीट गायब होने की वजह से उन्हें पास कर देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बार पीटी परीक्षा में 5 लाख से ज्यादा अभ्यर्थीयों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इंफ्रास्ट्रक्चर का हवाला देते हुए सचिव ने कहा कि 5 लाख शामिल अभ्यर्थीयों में 57 ओएमआर शीट गायब होना कोई बड़ी बात नहीं। हमने गायब हुए ओएमआर शीट को लेकर अंदरूनी जांच बैठाई। जिसके बाद 49 अभ्यर्थीयों को अयोग्य पाया गया है।
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