• – प्रोजेक्ट 75 की 4 पनडुब्बियां पहले ही शामिल हो चुकी हैं नौसेना के बेड़े में
  • – ये पनडुब्बियां पानी के भीतर नौसेना की युद्धक क्षमताओं को बदलेंगी

नई दिल्ली। परियोजना-75 के तहत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) मुंबई में बनाई गई कलवरी श्रेणी की पांचवीं स्वदेशी पनडुब्बी ‘वागीर’ मंगलवार को भारतीय नौसेना को सौंप दी गई। इस पनडुब्बी को जल्द ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा, जिससे भारत की समुद्री क्षमता और बढ़ेगी। प्रोजेक्ट 75 की 4 पनडुब्बियों को पहले ही नौसेना के बेड़े में शामिल किया जा चुका है। आने वाले वर्षों में ये पनडुब्बियां पानी के भीतर भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमताओं को बदल देंगी।

नौसेना प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल के मुताबिक स्कॉर्पीन डिजाइन की छह पनडुब्बियों का निर्माण फ्रांस के नेवल ग्रुप के सहयोग से किया जा रहा है। यह पनडुब्बी 12 नवंबर, 20 को लॉन्च की गई थी और इसी साल 01 फरवरी को परीक्षण के लिए समुद्र में उतारा गया था। इस पनडुब्बी ने निर्धारित समय से पहले हथियार और सेंसर सहित सभी प्रमुख परीक्षणों को पूरा किया है। भारतीय यार्ड में इन पनडुब्बियों का निर्माण ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और कदम है। उपलब्धि यह है कि 24 महीने की अवधि में भारतीय नौसेना को दी गई यह तीसरी पनडुब्बी है।

प्रोजेक्ट-75 की पनडुब्बियां 50 दिन तक समुद्र में रहकर एक बार में 12 हजार किलोमीटर तक की यात्रा कर सकती हैं। इसमें 8 अफसर और 35 नौसैनिक काम करते हैं और ये समुद्र की गहराई में 350 मीटर तक गोता लगा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र के अंदर 37 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इनमें समुद्र के अंदर किसी पनडुब्बी या समुद्र की सतह पर किसी जहाज को तबाह करने के लिए टॉरपीडो होते हैं। इसके अलावा समुद्र में बारूदी सुरंगें भी बिछा सकती हैं। स्कॉर्पीन श्रेणी की छह पनडुब्बियों में से पहली पनडुब्बी ‘कलवरी’ 21 सितम्बर, 2017 को नौसेना में शामिल हुई थी।

दूसरी पनडुब्बी आईएनएस ‘खंडेरी’ 28 सितम्बर, 2019 को नौसेना में शामिल की गई थी। तीसरी पनडुब्बी आईएनएस करंज 10 मार्च, 21 को भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से कमीशन की गई। प्रोजेक्ट-75 की चौथी पनडुब्बी ‘वेला’ इसी साल 09 नवम्बर को मुंबई में भारतीय नौसेना को सौंपी गई थी, जिसे बेड़े में भी शामिल किया जा चुका है। आज पांचवीं स्वदेशी पनडुब्बी ‘वागीर’ नौसेना को सौंप दीगई। इस पनडुब्बी को जल्द ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। छठी पनडुब्बी भी एक उन्नत (एडवांस) चरण में है।

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