विधानसभा शीतकालीन सत्र का चौथा दिन
विधानसभा से दोबारा 1932 का स्थानीय नीति परिभाषित करने संबंधी विधेयक पास हो गया है। इसके पहले बीते साल 2022 में 11 नवंबर को विशेष सत्र के दौरान यह विधेयक पारित हुआ था, जिसे राज्यपाल ने कुछ सुझाव के साथ संशोधन के लिए लौटा दिया था। शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बुधवार को बगैर किसी संशोधिन के विधेयक को फिर से पारित कर दिया गया। वहीं, झारखंड पदों-सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण संशोधन विधेयक -2023 भी विधानसभा से पास हो गया। इस विधेयक को भी राज्यपाल ने वापस किया था, जिसे सरकार ने बिना संशोधन के सदन में पेश किया था। इस विधेयक में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार की तरफ से विधेयक पर अपना विचार सदन में रखा। उन्होंने कहा कि विधेयक में संशोधन की जरूरत नहीं है।