इस बार डबल रफ्तार से दौड़ेगी झारखंड के विकास की गाड़ी
झारखंड का उत्कृष्ट मॉडल सामने लाने का होगा सरकार का विजन
सीएम ने दे दिया निर्देश अधिकारी लग जायें काम पर
राकेश सिंह
जबसे झारखंड विधानसभा चुनाव का परिणाम आया है, देश भर की नजरें हेमंत सोरेन पर है। आज समूचा राजनीतिक खेमा उनके राजनीतिक सूझबूझ का कायल है। जिस तरीके से हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो गठबंधन ने चुनाव लड़ा, विरोधी भी दबी जुबान से हेमंत की रणनीति के बारे में सराहना कर रहे हैं। हेमंत सोरेन इस बार और मजबूत होकर उभरे हैं। जनता का अपार समर्थन उन्हें हासिल हुआ है। हेमंत को जनता का ऋण चुकाने का वक्त आ चूका है। यानी जनता को किये गये वादों को अमली जामा पहनाने का। हेमंत भी चाहेंगे कि जनता का उनके प्रति भरोसा और भी प्रगाढ़ होता रहे। अबुआ सरकार का बजट झारखंड की जनता के विकास के लिए समर्पित होगा। हेमंत सोरेन ने साफ निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी काम पर लग जायें।

मुख्यमंत्री बनते ही एक्श्न में आये:
हेमंत सोरेन ने जैसे ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली वह तुरंत एक्शन मोड में आ गये। उन्होंने एक के बाद एक कैबिनेट की बैठक में कई बड़े निर्णय लिये। उन्होंने महिलाओं से किये गये वादे को पूरा किया। मंईयां सम्मान योजना की राशि दिसंबर महीने से 2500 रुपये मिलेगी। मुख्यमंत्री की निगाह केंद्र सरकार के पास झारखंड का बकाया पड़े 1.36 लाख करोड़ पर भी रहेगी। इसकी वसूली के लिये, कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की तैयारी भी है। विकास योजनाओं को चलाने के लिए राज्य सरकार को धन की आवश्यकता होगी। इस बार राज्य में चलने वाली खनिज परियोजनाओं से मिलने वाले टैक्स की पुरानी दरों में संशोधन के लिए भी प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी। मुख्यमंत्री का फोकस युवाओं के रोजगार पर भी रहेगा। सीएम का कहना है कि 1 जनवरी 2025 से पहले जेपीएससी, जेएसएससी समेत दूसरे सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कैलेंडर जारी कर दिया जायेगा। राज्य में बड़ी संख्या में सिपाही भर्ती का भी प्रस्ताव है। इससे पहले हुए उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में की युवाओं की मौत हो गयी थी। सरकार इसकी भी समीक्षा करेगी।

केवल खर्च नहीं राजस्व संग्रहण पर भी नजर:
मुख्यमंत्री की नजर केवल विकास और जनहित कार्यों में राशि खर्च करने की नहीं है। इसके लिए राशि कहां से आयेगी, इस पर भी उनकी नजर है। सीएम का फोकस राजस्व संग्रहण पर है, यह सोमवार को उच्चाधिकारियों के साथ हुई बैठक में दिख गया है। उन्होंने अतिरिक्त राजस्व संग्रहण के नये स्रोतों के लिए संभावनाओं को तलाशने की जिम्मेदारी अधिकारीयों को दी है। हेमंत सोरेन का फोकस राजस्व प्रबंधन को मजबूत बनाने का है। इसके साथ राजस्व की बबार्दी और स्थापना व्यय को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि रेवेन्यू जनरेट सिस्टम का माइक्रो लेवल आॅब्जरवेशन कर इसकी खामियों को दूर करना है।

पहला सत्र चार दिनों का, दिखेगी हेमंत की ताकत:
नयी सरकार का पहला सत्र यानी षष्ठम विधानसभा का सत्र 9 से 12 दिसंबर तक बुलाया गया। वरिष्ठ नेता स्टीफन मरांडी को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की स्वीकृति के बाद सत्र आहूत करने की आधिकारिक अधिसूचना शुक्रवार को जारी की गयी है। इस सत्र में चार कार्यदिवस होंगे। पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण होगा। दूसरे दिन बाकी सदस्यों को शपथ दिलायी जायेगी। इसके बाद नये विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन सर्वसम्मति से होने की प्रबल संभावना है। तीसरे दिन 11 दिसंबर को पहले राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद हेमंत सरकार विश्वासमत हासिल करेगी। इसी के साथ सरकार अपना अनुपूरक बजट पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ठ कर दिया है कि इसमें नयी योजनाएं जो बीते बजट सत्र में शामिल नहीं था, उनके अलावा चल रही योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था की जायेगी। सत्र के अंतिम दिन 12 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश होगा। इसपर वाद-विवाद के बाद सरकार का उत्तर और मतदान होगा। भोजनावकाश के बाद द्वितीय अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद होगा। इसके साथ-साथ खनिज पर सेस बढ़ाने संबंधित संशोधित विधेयक सदन में पेश किया जायेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो गठबंधन ने एतिहासिक जीत हासिल की है। विधानसभा की 81 सीटें हैं। बहुमत के लिए 41 विधायकों की जरूरत है, जबकि हेमंत के पास 56 विधायकों का समर्थन है। इसलिए सरकार को बहुमत के आधार पर वित्तीय मामले हों या कोई अन्य विधेयक विधानसभा से पारित कराने में किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विधानसभा सत्र में झलक जायेगी भविष्य की योजना:
अनुपुरक बजट में हेमंत सरकार के भविष्य की झलक दिखेगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट से पृथक शुरू की गयी नयी योजनाओं के अतिरिक्त दायित्वों की पूर्ति एवं अनुपूरक बजट की तैयारियां करने का निर्देश दिया है। इसलिए यह बजट एक तरह से भविष्य की नींव होगी। इसमें मंईयां सम्मान योजना समेत अन्य घोषणाओं के लिए राशि का प्रावधान हो जायेगा। अगले वर्ष फरवरी में बजट सत्र होने की संभावना है। यह सत्र भविष्य के बजट सत्र की झलक भी होगी। हेमंत ने जो वादा किया है, उसकी शुरूआत तो अनुपुरक बजट में ही दिख जायेगी। यह जनता को दिखा भी देगा कि हेमंत सोरेन जो कहते हैं, वह करते हैं। उन्होंने हमेशा कहा है कि ‘मैं काम करने पर विश्वास रखता हूं।’ भविष्य में होने वाले मुख्य बजट में जनता को और भी बहुत कुछ सौगात मिलेगी, यह बजट सत्र में दिखने की पूरी उम्मीद है। जब विकास और जनहित के लिए सरकार बजट की मांग रखेगी, तो विपक्ष को भी बहुत अधिक सरकार को घेरने का मौका नहीं मिलेगा। इसलिए विपक्ष से लेकर एक्सपर्ट तक की नजर वर्तमान के अनुपुरक बजट से ही नजर टिकी हुई है। हेमंत सोरेन का विजन स्पष्ठ है कि अबुआ राज संपूर्ण विकास।

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