रांची। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने हरमू नदी के विकास के लिए अब तक जो काम हुआ है उसकी वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश जुडको के अधिकारियों को दिया है। जितने सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बने हैं उनमे से कितने काम कर रहे हैं और कितने बंद हैं। उसका भी सर्वे कराने को कहा है। साथ ही जो पाथवे बना था उसकी स्थिति की भी रिपोर्ट मांगी है। प्रधान सचिव ने हरमू नदी के साथ स्वर्णरेखा के पाट की मूल चौड़ाई का आंकलन करने के लिए ड्रोन कैमरे से नदी की शुरूआत से अंत तक की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने का निर्देश दिया है।

अतिक्रमण पर भी तैयार होगी रिपोर्ट
हरमू नदी के दोनों किनारों पर अतिक्रमण की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। यह भी कहा कि यह पता लगायें कि हरमू नदी में कहां-कहां नालों का गंदा पानी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने नदी के किनारों को चौड़ा करने के लिए योजना बनाने का आदेश दिया। प्रधान सचिव ने सभी रिपोर्ट समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सरकार एक बार भी हरमू नदी को बचाने को लेकर गंभीर हो गयी है। हरमू नदी के कारण स्वर्ण रेखा नदी का अस्तित्व भी खतरे में है। हरमू नदी का गंदा पानी स्वर्णरेखा में जा रहा है, जिससे इस नदी का पानी भी खतरनाक हो गया है। राजधानी के लिए दोनों नदियों का महत्व है। हरमू नदी के विकास पर करोड़ों रुपये फूंके जा चुके हैं। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। कोई खास सुधार नहीं हो सका है।

स्वर्णरेखा नदी की वास्तविक चौड़ाई का पता लगाने का निर्देश
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने रांची की प्रमुख नदी स्वर्णरेखा के सौंदर्यीकरण और विकास पर भी अधिकारियों को निर्देश दिया है। उन्होंने स्वर्णरेखा नदी की वास्तविक चौड़ाई का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरे का उपयोग करने को कहा है। इसके साथ स्वर्णरेखा नदी के किनारों पर धार्मिक कार्यों एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या क्या किया सकता है, इसकी रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध कराने को कहा है।

 

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