रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि पंचायत स्वयंसेवकों को तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार एक माह में सभी को मोबाइल फोन देगी। एक जून से तीन माह तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में 2.22 लाख आवास बनाये जायेंगे। इसमें पंचायत स्वयंसेवकों की भूमिका अहम है। वे निर्माण कार्य का ध्यान रखेंगे। इसके एवज में उन्हें मानदेय दिया जायेगा। 15 नवंबर को एक साथ सभी घरों में गृह प्रवेश का आयोजन होगा। सीएम ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र को आजीवन बनाये रखने के लिए राज्य सरकार कानूनी पहलुओं की जानकारी ले रही है। यदि संभव हुआ, तो लोगों को बार-बार जाति प्रमाण पत्र नहीं बनवाने होंगे। मुख्यमंत्री ने उक्त बातें गुरुवार को धुर्वा स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दक्षिणी छोटानागपुर पंचायत स्वयंसेवकों के लिए आयोजित सरकारआपके द्वार..अभियान 2017 के समापन कार्यक्रम में कहीं।
30 हजार योजनाओं का एक साथ होगा शिलान्यास
उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। गांव का विकास सशक्त पंचायत के माध्यम से ही संभव है। मुखिया की सहायता के लिए हमने पंचायत सचिवालय का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण बस सेवा शुरू की जा रही है। इसमें पंचायत सचिवालय के युवाओं को जोड़ा जायेगा। उन्हें सब्सिडी में बस मुहैया करायी जायेगी। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण दिलाया जायेगा। इससे वे बस चलाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। इसी प्रकार राज्य में 30 हजार छोटी योजनाएं चिह्नित की गयी हैं। एक ही तिथि में सभी का एक साथ शिलान्यास कराया जायेगा। इसमें मुखिया अपने-अपने गांव में योजना का शिलान्यास करेंगे। लोगों को हुनर देने के लिए राज्य सरकार विशेष जोर दे रही है। यह स्वरोजगार का सबसे बड़ा जरिया है।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त समेत बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। इसी के तहत हर पंचायत से 100-100 लड़के-लड़कियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जायेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री उद्यम बोर्ड की स्थापना की गयी है। इसमें हर गांव से एक महिला विलेज को-आॅर्डिनेटर होगी। वे अपने गांव की 15-15 महिलाओं की टीम बनायेंगी। इस प्रकार राज्य की 4.80 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण देकर उन्हें भी रोजगार से जोड़ा जायेगा। हमारे राज्य में देश का 82 प्रतिशत तसर होता है। इसी से सिल्क साड़ियां बनती हैं। उद्यम बोर्ड के तहत इन महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी तरह राज्य में लाह का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। महिलाओं को लाह से बनने वाले उत्पादों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उनके तैयार माल को उद्यम बोर्ड के माध्यम से देश-दुनिया में बेचा जायेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पैसे आयेंगे।
पलायन का कलंक हटाना है
सीेएम ने कहा कि बेरोजगारी के कारण हमारे बच्चे 5-7 हजार रुपये की नौकरी के लिए पलायन को मजबूर हैं। यह झारखंड के ऊपर कलंक है। उनकी स्थिति जानकर सिहरन पैदा होती है। राज्य सरकार सभी बच्चों को झारखंड वापस लाने के लिए संकल्पित है। गुड़गांव में हमारी 600 बच्चियां टेक्सटाइल फैक्टरी में काम कर रही हैं। इस साल दिसंबर तक रांची में टेक्सटाइल फैक्टरी शुरू हो जायेगी। उन सभी बच्चियों को वापस लाकर यहां काम दिलाया जायेगा, ताकि वे अपने घर पर रहते हुए रोजगार कर सके।