राजधानी कोलकाता समेत राज्य भर में कोरोना वायरस के तेजी से प्रसार को देखते हुए राज्य सरकार ने नए सिरे से लॉक डाउन की पाबंदियां लगा दी है। मूल रूप से कोलकाता के 25 इलाकों में लॉक डाउन को सख्ती से लागू किया जा रहा है जिसमें महानगर के अधिकतर हिस्से शामिल हैं। इन इलाकों में बाजार दुकान, रेस्टोरेंट समेत यातायात और अन्य नियमित गतिविधियों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के निर्देश राज्य सरकार ने जारी किया है। लेकिन कारोबारियों ने आज-इवेन तरीके से अपनी दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। कोलकाता में करीब 25000 ऐसी बड़ी दुकानें हैं जो कारोबार का केंद्र बिंदु हैं। इन्हें सप्ताह में तीन दिन कुछ दुकानें खुलेंगी तो बाकी तीन दिन और दुकानें खुलेंगीं। इसके लिए प्रशासन से भी अनुमति ली गई है। दरअसल, अगर महानगर के सभी दुकानों को बंद कर दिया जाए तो इससे ना केवल कोलकाता बल्कि राज्य के अन्य हिस्से में भी सारे कारोबार ठप हो जाएंगे। इसलिए यह निर्णय लिया गया है। मूल रूप से ऑटो मोबाइल दुकानें और गोदाम एजरा स्ट्रीट, प्रिंसेप स्ट्रीट, शूटर किंग स्ट्रीट, प्रफुल्ल सरकार स्ट्रीट में मौजूद है। यहां मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को दुकानें खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कोलकाता के चांदनी चौक, मटियाबुराज इलाके में इलेक्ट्रॉनिक सामानों की दुकानें हैं जिन्हें मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को खोलने का निर्णय लिया गया है।
कनफेडरेशन ऑफ ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण पोद्दार ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि सप्ताह में प्रत्येक दिन बराबर संख्या में दुकानें खोलें। यानी सोमवार को जितनी दुकानें खुलेंगी, कमोबेश उतनी ही बंद रहेंगी। सप्ताह के बाकी दिन भी ऐसे ही मैनेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बड़ाबाजार और धर्मतल्ला से सटे स्ट्रैंड रोड में नियमित तौर पर करीब 70000 ग्राहक आते हैं और खरीदारी करते हैं। फिलहाल यह घटकर एक चौथाई पर पहुंच गया है।