नई दिल्ली। विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय निशानेबाज नीरज कुमार ने हाल ही में भोपाल में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 50 मीटर थ्री पोज़िशन (3P) स्पर्धा में रजत पदक जीता। इस उपलब्धि के बाद नीरज ने अपने अब तक के सफर और शूटिंग लीग ऑफ इंडिया (एसएलआई) के जरिए खेल में आ रहे बदलावों पर खुलकर विचार साझा किए।
पंजाब के होशियारपुर जिले के एक छोटे से सीमावर्ती कस्बे से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का नीरज कुमार का सफर संघर्ष और धैर्य की मिसाल है। वर्ष 2014 में नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) के माध्यम से शूटिंग की शुरुआत करने वाले नीरज को शुरुआती दौर में आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा और अपने माता-पिता को इस खेल में करियर बनाने के लिए लंबे समय तक मनाना पड़ा। भारतीय नौसेना में चयन उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ, जिसके बाद परिवार का पूरा समर्थन उन्हें मिला।
शूटिंग लीग ऑफ इंडिया के शुभारंभ को लेकर नीरज का मानना है कि इससे आने वाली पीढ़ी को वैसी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उनके अनुसार यह लीग माता-पिता को यह भरोसा दिलाएगी कि शूटिंग भी एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर विकल्प हो सकता है। नीरज ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “अक्सर परिवार किसी खेल को तभी अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं जब उन्हें उस खेल में सफल उदाहरण दिखाई देते हैं। शूटिंग लीग ऑफ इंडिया ऐसे ही उदाहरण स्थापित करेगी। दर्शक इस फॉर्मेट का आनंद लेंगे और धीरे-धीरे इस खेल में मौजूद भविष्य की संभावनाओं को पहचानेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “आमतौर पर शूटिंग के दर्शक वही होते हैं जो इस खेल को समझते हैं या खुद खेल चुके हैं। लेकिन लीग के प्रसारण के जरिए बड़ी संख्या में लोग शूटिंग को जान पाएंगे और इसकी सराहना करेंगे।” नीरज के लिए इस लीग की एक बड़ी खासियत यह भी है कि इसमें घरेलू खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों के साथ खेलने और सीखने का मौका मिलेगा। उन्होंने हंगरी के विश्व चैंपियन इस्तवान पेनी और अपने भारतीय साथी किरण जाधव के साथ खेलने की इच्छा जताई।
नीरज ने कहा, “हंगरी के खिलाड़ी इस्तवान पेनी और अपने भारतीय साथी किरण जाधव के साथ शूटिंग करना मेरे लिए बेहद रोमांचक होगा। अगर हम एक ही टीम में हों तो यह और भी बेहतर होगा।” राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपने प्रदर्शन और तैयारी को लेकर नीरज ने राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्रों की सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, “मैंने नेशनल चैंपियनशिप के लिए कोई खास रूटीन फॉलो नहीं किया। लेकिन जहां मैं ट्रेनिंग करता हूं, दिल्ली का डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर शानदार है। हमें हॉस्टल, दिन में तीन बार भोजन और अभ्यास के लिए गोलियां मिलती हैं, जो एक बड़ी सुविधा है।”
देश और विदेश में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद भारतीय निशानेबाजों के बीच आपसी रिश्तों को लेकर नीरज ने सकारात्मक तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा, “शूटिंग एक व्यक्तिगत खेल है और इसमें हमें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होता है। हम दूसरों से ज्यादा खुद से मुकाबला करते हैं। यही हमारे खेल की खूबसूरती है।” उन्होंने आगे जोड़ा, “हम एक-दूसरे से मिलते हैं, बातचीत करते हैं और साथ समय बिताते हैं। रेंज पर किसी तरह की नकारात्मकता नहीं होती।”
2026 सत्र की तैयारियों के बीच नीरज कुमार का मुख्य लक्ष्य ओलंपिक पदक जीतना है। उनके अनुसार शूटिंग लीग ऑफ इंडिया सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जो खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और साथ ही दर्शकों का समर्थन भी इस खेल को मिलेगा।

