अजय शर्मा
रांची। जमीन घोटाले के लिए पहले से ही चर्चित बाबा नगरी देवघर में एक बार फिर बड़े जमीन घोटाले की पृष्ठभूमि तैयार कर ली गयी है। इस बार जमीन माफियाओं की नजर स्वतंत्रता सेनानी की जमीन पर है। देवघर में स्वतंत्रता सेनानी की जमीन के बड़े हिस्से पर कुछ पुलिसकर्मियों ने कब्जा कर लिया है, जबकि दूसरे हिस्से पर माफिया सीना तान कर काम करा रहे हैं। यह जमीन नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आजाद हिंद फौज से जुड़ीं गीता रानी घोष की है। उनके पति का नाम अजीत मोहन घोष था। इनके पुत्र असीम मोहन घोष हैं। वह सरकार के आला अधिकारियों के यहां न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी बात कोई सुन नहीं रहा है। जमीन माफियाओं ने इस जमीन से संबंधित जो कागजात तैयार किया है, उसमें अजीत मोहन घोष की पत्नी गीता रानी घोष की जगह सुशीला बाला घोष लिख दिया है। असीम के पिता की मृत्यु तीन दिसंबर 1962 को हुई और उनकी माता गीता रानी घोष की मौत 15 मई 1978 को हुई। जमीन माफियाओं ने कुछ अधिकारियों से मिल कर जो दस्तावेज तैयार कराया है, उसमें गीता रानी घोष को संतानहीन बता दिया गया है, जबकि वास्तविकता इसके उलट है। अभी दो दिनों से देवघर में इस जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस भूखंड में एक होटल है, जिसका नाम राजकमल है। उसकी दीवार के मलबे से बेला गांव निवासी मजदूर दिनेश गोस्वामी और पवन गोस्वामी की मौत हो गयी। इस मामले में अवैध कब्जा करने के आरोपी राजकमल होटल के मालिक सहित पांच के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जमीन की जांच अलग से
देवघर के सीओ अनिल कुमार सिंह उस जमीन की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजकमल होटल के मालिक को नोटिस दिया जाना है कि वह जमीन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करायें। उन्होंने बताया कि कोलकाता निवासी असीम मोहन घोष की तरफ से सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिये गये हैं। प्रथम दृष्टया ये कागजात विवादित नहीं हैं। राजकमल होटल के मालिक ने सिर्फ आवेदन भेजा है, कोई दस्तावेज नहीं दिया है। होटल मालिक जबरन जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।