नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम यानी AFSPA की अवधि छह महीने के लिए बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक, नया आदेश 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और छह महीने तक लागू रहेगा। सरकार चाहे तो इसे इससे पहले भी वापस ले सकती है।
मणिपुर के अधिकांश हिस्सों में जारी रहेगा AFSPA
मणिपुर में पूरे राज्य को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित रखने का फैसला किया गया है, हालांकि पांच जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है। इनमें इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिले के कुछ थाना क्षेत्र शामिल हैं।
इंफाल पश्चिम में इंफाल, लैम्फेल, सिटी, सिंगजामेई, पटसोई और वांगोई थाना क्षेत्र, जबकि इंफाल पूर्व में पोरोमपत, हेइंगांग और इरिलबुंग थाना क्षेत्र अधिसूचना से बाहर हैं। इसके अलावा थौबल, बिष्णुपुर, नंबोल और काकचिंग के संबंधित थाना क्षेत्रों को भी बाहर रखा गया है।
नागालैंड के 9 जिलों में बढ़ाया गया कानून
नागालैंड में AFSPA को नौ जिलों में अगले छह महीने के लिए बढ़ाया गया है। इनमें दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिरे, नोकलाक, फेक, पेरेन और मेलुरी शामिल हैं।
इसके अलावा कोहिमा, मोकोकचुंग, लोंगलेंग, वोखा और जुन्हेबोटो जिलों के 21 पुलिस थाना क्षेत्रों में भी AFSPA लागू रहेगा।
अरुणाचल प्रदेश के इन इलाकों में भी लागू रहेगा AFSPA
अरुणाचल प्रदेश में तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों में AFSPA की अवधि बढ़ाई गई है। इसके साथ ही असम की सीमा से लगे नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौखाम पुलिस थाना क्षेत्रों को भी अधिसूचना में शामिल किया गया है।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद फैसला
गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं में कहा गया है कि यह फैसला तीनों राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति की आगे की समीक्षा के बाद लिया गया है। AFSPA की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार किसी क्षेत्र को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर सकती है। ऐसे क्षेत्रों में अधिनियम के तहत सशस्त्र बलों को कुछ विशेष अधिकार मिलते हैं।
नए आदेश के तहत अधिसूचित क्षेत्रों में AFSPA 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीने तक जारी रहेगा, जब तक कि सरकार इसे इससे पहले वापस नहीं लेती।

