Author: azad sipahi desk

नई दिल्ली: दिल्ली से विजयवाड़ा जा रही फ्लाइट जब धरती से हजारों फुट ऊपर उड़ रही थी, तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हिलाकर रख दिया। बीच उड़ान इतनी तेज बिजली कड़की कि सबको तेज झटका लगा। यह घटना तब हुई जब क्रू मेंबर्स यात्रियों को खाने-पीने की चीजें सर्व कर रहे थे। क्रू मेंबर्स

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मुंबई: विदेशी दौरे पर भारतीय क्रिकेटरों को मिलने वाले दैनिक भत्ते में बड़ा इजाफा करने का फैसला किया गया है। प्रशासकों की समिति (सीओए) ने खिलाड़ियों को विदेशी दौरे पर मिलने वाले दैनिक भत्ते को दोगुना करने का फैसला किया है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को भारत में ही होने वाली अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मिलने वाले भत्ते में भी इजाफा किया गया है। दिल्ली में सीईओ की हुई हालिया बैठक में होम सीरीज में मिलने वाले भत्ते पर नजरिया साफ किया। पहले यहां भारतीय खिलाड़ियों को रोजाना 100 डॉलर की कीमत के बराबर भारतीय रुपये में भुगतान किया जाता था।…

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मेदिनीनगर। बदलाव यात्रा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिवाजी मैदान में कहा कि खनिज संपदा से भरपूर होते हुए भी झारखंड के लोग आज भूखमरी की स्थिति में हंै। यहां के सारे खनिज संपदा पर दूसरे राज्य के लोगों का कब्जा है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य अलग हुए 19 वर्ष हो गया, न तो राज्य के लोगों का सपना साकार हुआ और न ही यहां का विकास हुआ। इस राज्य में सबसे ज्यादा भाजपा का शासन रहा, लेकिन यहां के विकास पुरुषों को आज तक झारखंड का विकास नहीं दिखा। यहां केवल दारू दुकान खुलवाने और स्कूल…

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आज से तीन दशक पहले जब झारखंड आंदोलन उफान पर था, आॅल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन या आजसू को इस आंदोलन का युवा चेहरा माना जाता था। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद 19 साल में इस संगठन के राजनीतिक अवतार ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन इसने अपनी पहचान को कभी नेपथ्य में नहीं जाने दिया। संघर्ष और प्रतिबद्धता की बदौलत इसने हर दिन राजनीति का नया मुकाम हासिल किया है। स्पष्ट विजन, मुद्दों की समझ और जनता के बीच जाकर राजनीति करने का माद्दा रखनेवाले आजसू को आज झारखंड की बड़ी ताकत माना जाता है, तो इसके पीछे इसके नेताओं-कार्यकर्ताओं का बलिदान शामिल है। झारखंड बनने के बाद महज दो विधानसभा सीटों से चुनावी राजनीति करनेवाली इस पार्टी ने आज राज्य की कम से कम 20 सीटों पर अपना जनाधार बना लिया है। इन सीटों पर आजसू चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की स्थिति में है। यही कारण है कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा भी अपने इस सहयोगी पर आंख बंद कर भरोसा करती है, उसे अपनी कामयाबी के सफर का हमसफर बताती है। आजसू के इस विस्तार के पीछे पार्टी नेतृत्व का बड़ा हाथ माना जाता है। आखिर आजसू ने ऐसा क्या किया कि झारखंड के सबसे पुराने और ताकतवर राजनीतिक दल झामुमो को रक्षात्मक रुख अख्तियार करना पड़ रहा है। आजसू के विस्तार के कारणों की पड़ताल करती आजाद सिपाही पॉलिटिकल ब्यूरो की विशेष रिपोर्ट।

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