-सैकड़ों महिलाएं गांव-गांव घूमकर मांग रहीं अनाज और सामग्री, डलिया पूजा के नाम पर चल रही परंपरा ने खड़े किए कई सवाल; आखिर कब टूटेगी अंधविश्वास की बेड़ियां?
बरवाडीह। आधुनिकता और शिक्षा के दौर में भी समाज में कुछ ऐसी परंपराएं देखने को मिल रही हैं, जो सोचने पर मजबूर करती हैं। बरवाडीह क्षेत्र में डलिया पूजा के नाम पर सैकड़ों महिलाओं का गांव-गांव घूमकर भीख मांगना चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि जिन महिलाओं के एक या दो बेटे हैं, उनके नाम पर यह पूजा की जाती है। इसके लिए महिलाएं एक गांव से दूसरे गांव तक जाकर अनाज और अन्य सामग्री मांग रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस परंपरा के पीछे कौन-सी मान्यता है? क्या बेटों के नाम पर पूजा करने के लिए महिलाओं का गांव-गांव भटकना जरूरी है? क्या समाज में आज भी ऐसी परंपराओं पर सवाल उठाने की हिम्मत नहीं जुटाई जा रही है?
आस्था के नाम पर कब तक खामोश रहेगा समाज?
एक ओर समाज शिक्षा, विकास और जागरूकता की बात करता है, वहीं दूसरी ओर ऐसी परंपराएं सामाजिक सोच पर सवाल खड़े करती हैं। जरूरत इस बात की है कि परंपरा और अंधविश्वास के बीच अंतर समझा जाए।
अब सवाल जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों से भी है कि इस मामले की वास्तविकता की जांच कर लोगों को जागरूक करने के लिए क्या पहल की जाएगी?
बड़ा सवाल: आखिर कब जागेगा समाज और कब अंधविश्वास की ऐसी परंपराओं पर वैज्ञानिक सोच के साथ खुलकर चर्चा होगी?



