रांची। झारखंड की राजधानी रांची में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता बब्बन प्रसाद पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो साल बाद दो आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पलामू निवासी अनुज कुमार महतो और गुलशन कुमार उर्फ विश्वकर्मा के रूप में हुई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जमीन विवाद के कारण अधिवक्ता पर जानलेवा हमला कराया गया था।
शुक्रवार को पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अनुज कुमार महतो पलामू के शहर थाना क्षेत्र स्थित सुदना गांव का निवासी है, जबकि गुलशन कुमार उर्फ विश्वकर्मा सतबरवा थाना क्षेत्र के पांची गांव का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि गुलशन का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ पलामू जिले के चैनपुर तथा पांकी थाना में पहले से मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, अधिवक्ता बब्बन प्रसाद पर फायरिंग की घटना एक दिसंबर 2024 को रातू थाना क्षेत्र में हुई थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अधिवक्ता बब्बन प्रसाद और उनके चचेरे भाई अनुज कुमार महतो के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अनुज ने अधिवक्ता को रास्ते से हटाने की साजिश रची और शूटर गुलशन कुमार को सुपारी दी। पुलिस के मुताबिक, गुलशन कुमार कुख्यात सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़ा हुआ है।
हालांकि हमले में अधिवक्ता की जान बच गई थी, लेकिन घटना के बाद इलाके में काफी सनसनी फैल गई थी। इस मामले के खुलासे में पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यण के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपितों की भी तलाश कर रही है।
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