वॉशिंगटन। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर गजाला हाशमी ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और प्रवासियों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने भारतीय-अमेरिकियों से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की। हाशमी ने कहा कि अमेरिका में भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदायों के बीच नफरत भरी बयानबाजी और लक्षित हमलों को लेकर चिंता बढ़ रही है।

आजतक को दिए एक विशेष इंटरव्यू में हाशमी ने कहा कि उन्होंने वर्जीनिया के अलावा जॉर्जिया और मिशिगन में भी भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई समुदायों के लोगों से बातचीत की है। इन समुदायों में वॉशिंगटन से आ रही बयानबाजी और बढ़ती कट्टरता को लेकर वास्तविक चिंता है।

उन्होंने कहा कि भारतीयों के खिलाफ नफरत के साथ-साथ प्रवासियों और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने वाली बयानबाजी भी गंभीर मुद्दा है। इससे निपटने के लिए धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्कूलों में बच्चों को नस्लीय भेदभाव तथा बुलिंग से बचाना जरूरी है।

हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश का किया जिक्र

गजाला हाशमी ने इलिनॉय के ऑरोरा में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की सामूहिक गोलीबारी की साजिश का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ समूह और व्यक्ति नफरत भरी बयानबाजी से प्रभावित होकर भारतीयों के खिलाफ घृणा फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं और सोच का मजबूती से मुकाबला करने की जरूरत है।

हाशमी ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी और अन्य प्रवासी समुदायों ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कारोबार और उद्यमिता के क्षेत्र में अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में अलग-अलग समुदायों को एकजुट होकर नफरत और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर भी साधा निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए हाशमी ने कहा कि महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतें अमेरिकी परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन गई हैं। लोगों को किराना सामान, आवास और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। घर खरीदना आम परिवारों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले राज्य संघीय सहायता में कटौती के असर को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। वर्जीनिया के बजट का उदाहरण देते हुए उन्होंने मेडिकेड और खाद्य एवं पोषण योजनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव का जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी राज्य बजट संघीय सरकार की ओर से मिलने वाली जरूरी सहायता की पूरी भरपाई नहीं कर सकता।

कांग्रेस में डेमोक्रेटिक बहुमत को बताया जरूरी

गजाला हाशमी ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने को जरूरी बताया। उनके मुताबिक, इससे राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों पर जवाबदेही तय करने और उनकी नीतियों की निगरानी करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने ईरान में युद्ध को लेकर भी ट्रंप प्रशासन की आलोचना की और अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत का मुद्दा उठाया। हाशमी ने स्वतंत्र मतदाताओं से ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की, जो राष्ट्रपति के प्रति निष्ठा दिखाने के बजाय अपने मतदाताओं के हितों को प्राथमिकता दें।

गौरतलब है कि अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान हुआ। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हुआ। इन चुनावों के नतीजे अगले दो वर्षों तक अमेरिकी कांग्रेस में सत्ता के संतुलन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों पर विधायी निगरानी की दिशा तय करेंगे।

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