रांची: झारखंड के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से टेंडर की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
सरकार ने अदालत को बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 29 अक्टूबर तक निविदादाताओं को आवेदन जमा करना है, जबकि 30 नवंबर को टेंडर का बिड खोला जाएगा। इसके बाद सरकार निविदा प्रक्रिया की प्रगति से संबंधित जवाब अदालत में दाखिल करेगी।
डीजीपी को सशरीर उपस्थित रहने से मिली छूट
सुनवाई के दौरान डीजीपी की ओर से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने से छूट देने का आवेदन दिया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने अगले आदेश तक डीजीपी को सशरीर उपस्थित रहने से छूट दे दी।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित राय ने टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी, जबकि प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता रितेश कुमार महतो ने पक्ष रखा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर तय की है।
मामला ईचागढ़ थाने में कथित पिटाई से जुड़ा
यह प्रकरण सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाने में कथित पुलिस बर्बरता की घटना से जुड़ा है। वर्ष 2024 में ईचागढ़ विधानसभा सीट से जेएलकेएम के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले तरुण महतो को 19 नवंबर 2025 की रात पुलिस पकड़कर थाने ले गई थी। आरोप है कि थाने में उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद उन्हें सरायकेला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पीड़ित की पत्नी भानुमति ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति बालू के अवैध खनन और वाहनों से अवैध वसूली की जांच करने गए थे, जिसके बाद पुलिस और माफिया ने साजिश के तहत उन्हें झूठे मामले में फंसा दिया।
हाईकोर्ट ने लिया था स्वतः संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पत्र पर स्वतः संज्ञान लिया था। पूर्व सुनवाई में अदालत ने सरायकेला के एसपी को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसी प्रकरण के दौरान अदालत ने राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया था। अब अदालत की नजर सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर है।



