-विसर्जन के दौरान भावुक हुए श्रद्धालु, जयकारों के बीच नम हुईं भक्तों की आंखें; सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद
बरवाडीह। मां दुर्गा की विदाई की घड़ी आई तो माहौल भक्तिमय होने के साथ भावुक भी हो गया। जिन माता रानी की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने नौ दिनों तक सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की थी, उन्हीं को विदा करते समय कई भक्तों की आंखें नम हो गईं। कहीं मां के जयकारे गूंज रहे थे, तो कहीं भक्त हाथ जोड़कर अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना कर रहे थे। हर किसी की जुबां पर एक ही पुकार थी— ‘मां, अगले बरस फिर आना।’बरवाडीह में दुर्गा पूजा के समापन के बाद बुधवार को आदिशक्ति महाबीर मंदिर सहित विभिन्न पूजा समितियों की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। पंचमुखी शिव मंदिर, रेलवे स्पोर्ट्स क्लब, पीपल पेड़ दुर्गा पूजा कमेटी और गढ़वातांड़ पूजा कमेटी की प्रतिमाओं को भी श्रद्धा और भावुकता के साथ विदाई दी गई।विसर्जन के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मां की प्रतिमा से विदाई लेते समय भक्तों ने परिवार की सुख-शांति, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। आस्था और भावनाओं से भरे इस माहौल में मां के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा देखने को मिली। प्रतिमा विसर्जन के साथ ही पूजा पंडालों की रौनक भले ही कम हो गई, लेकिन भक्तों के मन में मां के आगमन की यादें और अगले वर्ष उनके स्वागत की उम्मीदें बनी रहीं।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस दौरान बीडीओ रेश्मा रेखा मिंज एसडीपीओ वीरेंद्र राम, प्रशिक्षु डीएसपी रामलखन वर्णवाल, तत्कालीन थाना प्रभारी अनुराग कुमार और अंचलाधिकारी लवकेश सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी एवं प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय रहे।प्रशासन की निगरानी में विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मां दुर्गा की विदाई के साथ ही श्रद्धालुओं ने नम आंखों से माता रानी को विदा करते हुए उनसे अगले वर्ष फिर आने और सबके जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version