रांची: भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। उत्तर प्रदेश में पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी बनाया है। उनके सहयोग के लिए चार सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें झारखंड से राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा और पूर्व विधायक अनंत ओझा भी शामिल हैं।
विनोद तावड़े के साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालेंगे। ये नियुक्तियां 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले की गई हैं।
अनंत ओझा को संगठन का लंबा अनुभव
पूर्व विधायक अनंत ओझा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जरिए भाजपा में राजनीतिक सफर शुरू किया था। वह राजमहल विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। इससे पहले उन्हें पश्चिम बंगाल और बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान भी संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गई थीं।
अब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में उन्हें सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी की ओर से जारी नियुक्तियों में उन्हें विनोद तावड़े के साथ काम करने वाले चार सह-प्रभारियों में शामिल किया गया है।
प्रदीप वर्मा को भी मिली अहम जिम्मेदारी
झारखंड से राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा को भी उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। वह भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री के तौर पर संगठन में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। पार्टी से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें संगठनात्मक कार्यों का लंबा अनुभव है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारी
उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में भाजपा की ओर से प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारियों की नई टीम की नियुक्ति संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से की गई है। पार्टी ने देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी व सह-प्रभारियों की नई सूची जारी की है।
उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े के नेतृत्व में चार सह-प्रभारी संगठन से जुड़े कार्यों में सहयोग करेंगे। नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी की प्रदेश स्तर की संगठनात्मक गतिविधियां और चुनावी तैयारियां आगे बढ़ेंगी।



