रांचीः राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र में महज 9 हजार रुपये के विवाद में युवक की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, दोस्तों ने राजन तिर्की को गोली मारने के बाद उसका शव पोटपोटो नदी में फेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कांके के चौड़ी बस्ती निवासी संजय गाड़ी, आकाश महली उर्फ चुद्ध और नीतिन उरांव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, कारतूस, खोखा, बाइक और तीन स्मार्टफोन बरामद किए हैं।

गोली चलने की सूचना के बाद शुरू हुई जांच

हेड क्वार्टर डीएसपी वन अमर कुमार पांडेय ने बताया कि 8 सितंबर की रात कांके थाना प्रभारी को चौड़ी बस्ती के मसना के पास गोली चलने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो सड़क पर काफी मात्रा में खून और खून के निशान मिले, लेकिन वहां कोई घायल व्यक्ति नहीं मिला।

इसके बाद पुलिस ने खून के निशानों का पीछा करते हुए पोटपोटो नदी के किनारे तक जांच की। नदी में घायल या लापता युवक की तलाश के लिए ड्रोन कैमरे और जवानों की मदद से अभियान चलाया गया। 11 सितंबर की सुबह जयप्रकाश नगर के पास नदी में एक शव बरामद हुआ।

शव की पहचान कांके के चामा-बुकरू निवासी राजन तिर्की के रूप में हुई। पुलिस को उसके दाहिने कान के पास गोली लगने का गहरा जख्म मिला।

कार बेचने से मिले 9 हजार रुपये बने विवाद की वजह

पुलिस की जांच में पता चला कि संजय गाड़ी को अपनी कार बेचने के बदले 9 हजार रुपये एडवांस मिले थे। राजन तिर्की और उसके कुछ दोस्त संजय पर पार्टी देने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि पार्टी के नाम पर संजय से रुपये ले लिए गए थे।

पुलिस के मुताबिक, पार्टी के तय कार्यक्रम के दौरान मसना के पास संजय गाड़ी और राजन तिर्की के बीच रुपये को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर संजय ने कमर में रखी पिस्टल निकालकर राजन पर गोली चला दी।

गोली लगने के बाद राजन गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि इसके बाद संजय ने आकाश महली और नीतिन उरांव की मदद से राजन को पोटपोटो नदी में बहा दिया, ताकि घटना के साक्ष्य मिटाए जा सकें।

हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और अन्य सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से 7.65 एमएम की पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा, मोटरसाइकिल और तीन स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

जांच में मुख्य आरोपी संजय गाड़ी का पहले से आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ सुखदेवनगर थाना में वर्ष 2022 में चोरी और चोरी का सामान रखने से संबंधित मामला दर्ज था।

इस मामले में कांके थाना कांड संख्या 180/26, दिनांक 11 सितंबर 2026 को बीएनएस की धारा 103(1), 238, 61(2), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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