वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान अमेरिका के साथ समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो वाशिंगटन एक और सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। उन्होंने संभावित कार्रवाई को ‘एपिक फ्यूरी’ नाम से संबोधित किया। उनके इस बयान से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

23 अक्टूबर को फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक और ‘लिटिल एपिक फ्यूरी’ अभियान चला सकता है या फिर ईरान समझौते के लिए तैयार हो सकता है। हालांकि, उन्होंने संभावित सैन्य कार्रवाई की समयसीमा या उसके स्वरूप के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी?

रैली में ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि तेहरान समझदारी दिखाए, तो वह बातचीत के जरिए समझौते पर पहुंच सकता है। उनके बयान से स्पष्ट है कि अमेरिकी प्रशासन कूटनीतिक समाधान के साथ सैन्य विकल्प को भी खुला रखे हुए है।

ट्रंप ने पहले भी ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान और बातचीत के जरिए समाधान को लेकर अलग-अलग बयान दिए हैं। ऐसे में उनकी ताजा टिप्पणी को दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच एक नई चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

क्या फिर शुरू हो सकता है सैन्य अभियान?

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अमेरिका के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का नाम है। ट्रंप ने अपने ताजा बयान में इसी नाम का इस्तेमाल करते हुए संभावित नई कार्रवाई का संकेत दिया है।

हालांकि, केवल इस बयान के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि अमेरिका ने ईरान पर नए हमले का अंतिम निर्णय ले लिया है। सैन्य कार्रवाई की संभावना और वास्तविक आदेश के बीच अंतर है। फिलहाल ट्रंप ने समझौते की संभावना को भी खारिज नहीं किया है।

ईरान-अमेरिका तनाव का असर

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों और समुद्री परिवहन को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब युद्ध के आर्थिक प्रभाव और ईंधन की बढ़ती कीमतें भी अमेरिकी राजनीति में चर्चा का विषय हैं।

समझौते की संभावना अभी खत्म नहीं

ट्रंप की चेतावनी के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच किसी संभावित समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में बातचीत का विकल्प खुला रखा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच समझौते की शर्तों और बातचीत की मौजूदा स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।

फिलहाल, ट्रंप के बयान ने यह संकेत दिया है कि वाशिंगटन ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के रुख और कूटनीतिक प्रयास यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि तनाव कम होता है या सैन्य टकराव की आशंका और बढ़ती है।

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