काठमांडू। नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। रविवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र गोरखा-1 के शहीद लखन गांवपालिका के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने उनसे चुनावी वादे पूरे नहीं होने को लेकर सवाल किया। इस पर गृहमंत्री नाराज हो गए और कथित तौर पर लोगों से कह दिया कि अगर वे उनके काम से संतुष्ट नहीं हैं तो अपना वोट वापस ले जाएं।

स्थानीय लोगों ने याद दिलाए चुनावी वादे

गुरुंग क्षेत्र में लोगों से संवाद कर रहे थे। इसी दौरान एक मतदाता ने चुनाव के दौरान किए गए वादों को याद दिलाते हुए उन्हें पूरा करने की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि क्षेत्र का विकास तुरंत नहीं किया जा सकता और सरकार को काम करने के लिए समय चाहिए।

‘चार महीने में कायापलट संभव नहीं’

गृहमंत्री ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद अभी पहला बजट ही आया है। इतने कम समय में किसी क्षेत्र का पूरी तरह कायापलट करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर से विकास योजनाओं की सूची मंगाई गई है और बजट के अनुसार उन योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

गुरुंग ने यह भी कहा कि क्षेत्र की सभी छोटी-छोटी योजनाओं को बजट की किताब में शामिल करने पर वह काफी बड़ी हो जाएगी। इसलिए प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

‘वोट वापस ले जाइए’ वाला बयान वायरल

स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान गृहमंत्री का ‘वोट वापस ले जाइए’ वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को उन पर भरोसा नहीं है तो वे अपना वोट वापस ले सकते हैं, लेकिन अगर विश्वास है तो उन्हें पांच साल काम करने का मौका दिया जाना चाहिए।

गुरुंग ने कहा- चुनाव से पहले भी रखी थी अपनी बात

गृहमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान भी उन्होंने मतदाताओं से स्पष्ट कहा था कि यदि वे उन पर भरोसा नहीं करते हैं तो उन्हें चुनाव में समर्थन न दें। उन्होंने कहा कि वह स्पष्ट बोलने वाले व्यक्ति हैं और उन्होंने जनता के सामने अपनी स्थिति पहले ही साफ कर दी थी।

गुरुंग मार्च में प्रतिनिधि सभा के चुनाव में गोरखा-1 संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। अब उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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