ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास हुआ। बस में करीब 35 से 40 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। आग लगने के बाद कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद बस के रिकॉर्ड की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस पर 19 चालान लंबित थे, जिनकी कुल राशि करीब 1.75 लाख रुपये बताई गई है। इनमें यातायात नियमों के उल्लंघन से लेकर परमिट और वाहन संचालन से जुड़े मामले शामिल हैं।
बस पर पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई
जांच में सामने आया है कि जनवरी 2026 में बस के खिलाफ कम उम्र के चालक से वाहन चलवाने के मामले में चालान किया गया था। वहीं जून 2025 में फ्यूल चेंज और रेट्रोफिटिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई हुई थी। इसके अलावा बस के खिलाफ परमिट और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित चालान भी दर्ज बताए गए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, बस के इंजन से आवाज आने की शिकायत भी सामने आई थी। इसके बावजूद वाहन का संचालन जारी रहने को लेकर अब परिवहन और यातायात व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन पूर्व उल्लंघनों और बुधवार रात हुए अग्निकांड के बीच सीधा कारणात्मक संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
चलती बस में अचानक लगी आग
हादसे का शिकार हुई बस राज कल्पना ट्रैवल्स की थी और इसका पंजीकरण नंबर BR32 PA8647 बताया गया है। बस दिल्ली से यात्रियों को लेकर महोबा जा रही थी। दयानतपुर गांव के पास अचानक बस में आग लग गई। कुछ ही समय में आग तेजी से फैल गई और यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
रात का समय होने के कारण बड़ी संख्या में यात्री सो रहे थे। आग और धुएं के बीच कई यात्रियों ने बस से बाहर निकलने की कोशिश की। कुछ लोग खिड़की से कूदकर बाहर निकले। दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और राहत-बचाव अभियान चलाया।
9 यात्रियों की मौत, कई घायल
आग की चपेट में आने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। कई अन्य यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस ने चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हादसे के दौरान चालक और परिचालक की भूमिका के साथ-साथ बस की तकनीकी स्थिति और आग लगने के कारण की भी जांच की जा रही है।
आग कैसे लगी? जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
शुरुआती रिपोर्टों में आग लगने के अलग-अलग संभावित कारण सामने आए हैं, लेकिन आग की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए एसी में स्पार्क, शॉर्ट सर्किट या इंजन से आग लगने जैसी किसी भी संभावना को फिलहाल अंतिम कारण नहीं माना जा सकता।
पुलिस और संबंधित एजेंसियां हादसे की परिस्थितियों, बस की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आग के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी।
हादसे के बाद बसों की सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने लंबी दूरी की स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था और फिटनेस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर ऐसे वाहन जिनके खिलाफ पहले से कई चालान और नियम उल्लंघन दर्ज हों, उनके संचालन की निगरानी किस स्तर पर होती है, यह भी जांच का अहम बिंदु बन सकता है।
19 लंबित चालान और करीब ₹1.75 लाख की बकाया राशि सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि बार-बार नियमों के उल्लंघन के बावजूद बस सड़क पर कैसे चलती रही। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के बाद ही निकलेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।



