रांची: JPSC (झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन) की सभी परीक्षाएं विवादों से घिरी रही है। हर बार की परी़क्षा और रिजल्ट कोर्ट कचहरी तक पहुंचा ही है। इस बार भी ऐसा ही आलम रहा। JPSC की छठी प्रारंभिक परीक्षा की रिजल्ट को भी चुनौती मिली और JPSC एडिशनल रिजल्ट जारी करने को विवश हो गया। इस बार आरक्षण नियमावली के हेरफेर में मामला फंसा था।

जिसमें छात्रों ने JPSC के खिलाफ ये आरोप लगाए की जेनरल छात्रों को ओबीसी के छात्रों से भी कम नंबर लाने के बाद भी चयन किया गया। वहीं इतने नंबर लाकर भी ओबीसी के छात्र चयनित नहीं हो पाए। अब मुख्य परीक्षा होने को है और छात्रों ने फिर से आंदोलन की तैयारी कर चुकी है। इसी मामले को लेकर छात्र संगठन बंदी भी कर चुके हैं। अभ्यर्थियों ने बुधवार को कचहरी चौक पर धरना दिया था, साथ ही कहा की मुख्य परीक्षा का भी आयोजन नहीं होने दिया जाएगा।

आदिवासी छात्र संगठन का कहना है कि JPSC के द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा है कि छठी सिविल प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट हाईकोर्ट के आलोक में जारी किया गया है, जबकि लक्ष्मण टोप्पो केस में प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण देने या न देने संबंधी कोई भी आदेश नहीं दिया है। प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण देना या न देना राज्य सरकार का मामला है। छात्र नेता मनोज यादव ने कहा कि या तो सरकार इससे पहले के सभी JPSC परीक्षाओं को निरस्त कर दे या फिर छठी JPSC परीक्षा को। साथ ही कहा कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें सिर्फ फेल लड़के ही आंदोलन नहीं कर रहे हैं, बल्कि पास करने वाले भी हमारे साथ हैं।

आदिवासी छा़त्र संघ के नेता और छात्र सभी इस बार आर-पार की लड़ाई को उतारु हैं। छात्र संघ 29 जनवरी को आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा का खुलकर विरोध कर रही है, साथ ही कहा है कि मुख्य परीक्षा किसी भी हाल में नहीं होने दिया जाएगा। JPSC अभ्यर्थियों ने कचहरी चौक के पास दोपहर 1 बजे से लेकर 3 बजे तक धरना दिया। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। कई स्कूल बस भी जाम फंसे रहे। रातू रोड से लालपुर की ओर जाने वाली गाड़ियां काफी देर तक जाम में फंसी रही, वहीं कचहरी से मोरहाबादी की ओर जाने वाली गाड़ियों को भी घूमकर जाना पड़ा।

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