झारखंड में मौसम का मिजाज पिछले पांच दिनों से बदला हुआ है लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश के बाद कनकनी और बढ़ गयी है। दिन भर कोहरा छाया रहा। सूर्य बादलों के ओट में छुपा रहा। ऐसे में लोग अलाव को अपना सहारा बना रहे हैं। हर कोई अपने तरीके से ठंड से बचने का उपाय कर रहा है। कामकाजी लोगों की तो मजबूरी है घर से निकलना और ऑफिस जाना। ठंड को लेकर जहां एक ओर शहर के लोग परेशान हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को और ज्यादा ही परेशानी हो रही है। शहर के मुकाबले गांव का पारा ज्यादा गिरा हुआ है।

जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

एक तो ठंड और दूसरी ओर से बारिश ने लोगों का जन-जीवन प्रभावित कर रखा है। सड़कों पर भी आम दिनों की अपेक्षा कम लोग ही नजर आये। चेकिंग अभियान में पुलिस वाले भी नदारद रहे। गांवों में कृषि कार्य ठप पड़ा हुआ है। खलिहान का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। बारिश के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गयी है। उन्हें काफी नुकसान हो रहा है।

रांची मौसम केन्द्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने सूबे के दक्षिणी हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना जताई है। बाकी जगहों पर मौसम शुष्क और सामान्य बना रहेगा। 16 और 17 जनवरी को मौसम शुष्क रहेगा। दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। दो से तीन दिनों तक हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाया रहेगा। सबसे अधिक तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस गोड्डा का रहा जबकि सबसे कम तापमान 11.6 डिग्री रांची और गढ़वा का दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने रांची और इसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम के शुष्क बने रहने की संभावना जताई है। हालांकि, दक्षिणी हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। अगले दो दिनों तक तापमान में भी 2-4 डिग्री सेल्सियस कम रहने की संभावना है। साथ ही सूबे के सभी हिस्सों में दो दिनों तक सुबह में कोहरा और धुंध रहने की संभावना है। 15 जनवरी को सुबह में कोहरे की धुंध और बाद में आसमान साफ रहेगा।

अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 16 जनवरी को भी सुबह में कोहरा व धुंध छाया रहेगा बाद में आसमान साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 17 जनवरी को सुबह में कोहरा और धुंध छाया रहेगा। बाद में आसमान साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

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