रांची। झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को हजारीबाग के शैलेंद्र कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के पूर्व के आदेश के आलोक में हजारीबाग के डीसी, एसडीओ और नगर आयुक्त अदालत के समक्ष सशरीर उपस्थित हुए।

अदालत ने हजारीबाग जिला प्रशासन को यह निर्देश दिया कि बिना अनुमति लिए याचिकाकर्ता की भूमि पर नाली निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारी एक लाख रुपये का जुर्माना याचिकाकर्ता को दें। साथ ही अदालत ने जुर्माना के साथ भूमि अधिग्रहण कर उसका मुआवजा याचिकाकर्ता को देने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया है।

हजारीबाग के बिंदेश्वरी पथ पर शैलेंद्र गुप्ता की रैयती भूमि पर हजारीबाग नगर निगम द्वारा नाली बना दी गई है, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस आनंदा सेन की कोर्ट में हुई। नगर निगम द्वारा नाली बनाने का विरोध करने पर याचिकाकर्ता शैलेंद्र कुमार और उसके भाई सुशील कुमार गुप्ता के खिलाफ 17 अगस्त 2022 को हजारीबाग सदर में कांड संख्या 293 /2022 दर्ज की गई थी।

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