रांची। जन्म एवं मृत्यु का समय पर तथा सटीक निबंधन न केवल व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि आधार कार्ड निर्माण, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, मतदाता सूची में नामांकन, संपत्ति हस्तांतरण एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी अत्यंत सहायक होता है। उक्त बातें उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची मंजूनाथ भजंत्री ने कही। वे शुक्रवार को रांची समाहरणालय स्थित ब्लॉक-बी कक्ष संख्या-505 में आयोजित नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से संबंधित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जन्म एवं मृत्यु निबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जन्म एवं मृत्यु का निबंधन निर्धारित समय-सीमा 21 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाये। उपायुक्त ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों एवं नगर निगम क्षेत्रों में कार्यरत निबंधनकतार्ओं की क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान आॅनलाइन पोर्टल (सीआरएस सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम ) पोर्टल के उपयोग, दस्तावेज सत्यापन, त्रुटि सुधार एवं नवीनतम दिशा-निदेर्शों पर विस्तृत चर्चा की गयी। उन्होंने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान का उपयोग कर आम नागरिकों को दलालों से मुक्ति दिलाते हुए त्वरित, पारदर्शी एवं जनहितकारी सेवा सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, सदर रांची कुमार रजत, अपर समाहर्ता रांची रामनारायण सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव, नगर निगम के निबंधन कर्मी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण सत्र का संचालन जिला स्तर के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया, जिसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं संदेह-निवारण पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में कार्यरत पंचायत सचिव सह रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को नियमित रूप से पंचायत सचिवालय सह जन्म-मृत्यु निबंधन कार्यालय में उपस्थित रहकर कार्य निष्पादन सुनिश्चित कराएं। साथ ही प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को प्रत्येक माह कम-से-कम एक निबंधन इकाई की जांच कर उसकी प्रतिवेदन जिला सांख्यिकी कार्यालय, रांची को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रांची जिला नागरिक सेवाओं में उत्कृष्टता की मिसाल बनेगा और जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य सुनिश्चित किया जायेगा।

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