चाईबासा (झारखंड): झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों में गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। छोटानागरा थाना क्षेत्र में हुई इस भीषण मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के शीर्ष कमांडर और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत कम से कम 11 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है।

सटीक इनपुट पर शुरू हुआ ‘ऑपरेशन सारंडा’ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि सारंडा के कुंभडीह और आस-पास के इलाकों में माओवादियों का एक बड़ा दस्ता किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जुटा है। इस इनपुट के बाद CRPF की कोबरा (CoBRA) 209 बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की एक संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही जवान चिह्नित स्थान पर पहुंचे, नक्सलियों ने खुद को घिरा देख अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

घंटों चली गोलीबारी, बैकअप टीम ने घेरा इलाका सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई इतनी जबरदस्त थी कि नक्सली बैकफुट पर आ गए। कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने सटीक निशाना साधते हुए अनल दा जैसे बड़े रणनीतिकार को ढेर कर दिया। मुठभेड़ के बाद घने जंगल और पहाड़ों का फायदा उठाकर कुछ नक्सली भागने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पकड़ने के लिए पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, एके-47 के कारतूस और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

नक्सलवाद के खात्मे की ओर बड़ा कदम आईजी (ऑपरेशन) और कोल्हान के डीआईजी ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि यह सुरक्षाबलों के लिए बड़ी रणनीतिक जीत है। अनल दा लंबे समय से गिरिडीह, बोकारो और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय था और सुरक्षाबलों पर कई हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। फिलहाल, पूरे सारंडा आरक्षित वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है और मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है।

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