काठमांडू। नेपाल के प्रसिद्ध मुक्तिनाथ मंदिर क्षेत्र में मंगलवार रात से जारी भारी बर्फबारी के कारण मंदिर तक पहुंचने वाला मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। पोखरा से कागबेनी–मुक्तिनाथ सड़क पर मोटी बर्फ जम जाने के कारण जोमसोम से आने वाले वाहन बुधवार सुबह से मुक्तिनाथ की ओर आगे नहीं बढ़ पाए।
वरागुंग मुक्तिक्षेत्र के अंतर्गत झारिकोट, खिंगा, रानीपौवा बाजार, पुराङ, छेंगुर और आसपास की बस्तियां घनी बर्फ से ढक गई हैं। मंदिर परिसर, 108 जलधारा और स्नान कुंड भी बर्फ में दब गए हैं, जिससे धार्मिक अनुष्ठान और स्नान में तीर्थयात्रियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सशस्त्र पुलिस बल की टीम ने बुधवार को सड़क से बर्फ हटाकर यातायात बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन लगातार हिमपात के कारण काम बाधित हो गया। वरागुंग मुक्तिक्षेत्र के वडाध्यक्ष प्रमेश गुरूंग ने बताया कि कागबेनी के पहले मोड़ से लेकर कागबेनी सेल्फी पार्क, कालोभीर, झारिकोट और आसपास के क्षेत्रों में बर्फ जम जाने के कारण सड़क अवरुद्ध है।
कुछ तीर्थयात्री घोड़े पर सवार होकर मंदिर तक जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें रोक दिया गया। मुक्तिनाथ विकास समिति के प्रबंधक दिनेश भुसाल ने कहा कि प्रतिदिन 5,000 से अधिक श्रद्धालु मंदिर आते थे, लेकिन हिमपात के कारण यह संख्या अब बेहद कम हो गई है। उन्होंने बताया कि जब तक कागबेनी–मुक्तिनाथ सड़क पूरी तरह चालू नहीं होती, मंदिर की गतिविधियां केवल नियमित पूजा तक सीमित रहेंगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक ठंड और ऊंचाई के कारण ऑल्टिट्यूड सिकनेस का खतरा बढ़ गया है। मुस्तांग जिला पुलिस के अनुसार छुसाङ से कोराला तक सड़क पर करीब चार फीट बर्फ जमा हो गई है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है। मौसम सुधारने पर ही सड़क खुलने की संभावना है। भारी हिमपात के कारण अपर मुस्तांग में जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

