मेदिनीनगर (पलामू): नगर निगम मेदिनीनगर के दैनिक भत्ता कर्मियों ने अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अब सरकार का दरवाजा खटखटाया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में कर्मियों ने राज्य के वित्त मंत्री से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। कर्मियों की मुख्य मांग निगम में लंबे समय से दी जा रही सेवाओं के बदले उन्हें नियमित (Permanent) करने की है।

सालों का संघर्ष और असुरक्षित भविष्य वित्त मंत्री को अपनी व्यथा सुनाते हुए कर्मियों ने बताया कि निगम में लगभग 54 कर्मचारी पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से केवल दैनिक भत्ते पर काम कर रहे हैं। वहीं, 50 से ज्यादा कर्मी 5 वर्षों से अनुबंध पर तैनात हैं। कर्मियों का कहना है कि चाहे भीषण गर्मी हो, बरसात हो या कोरोना जैसी वैश्विक महामारी, उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की सफाई और निगम की सेवाओं को रुकने नहीं दिया। इसके बावजूद वे आज भी सरकारी सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं।

मृत्यु के बाद परिवार के सामने संकट मुलाकात के दौरान कर्मियों ने भावुक होते हुए बताया कि कुछ साथी ऐसे भी थे जो 20-25 वर्षों तक सेवा देते रहे और दैनिक भत्ते की स्थिति में ही उनकी मृत्यु हो गई। नियमित न होने के कारण उनके परिवारों को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली और वे आज दाने-दाने को मोहताज हैं। कर्मियों ने मांग की है कि 5 साल से अधिक अनुबंध और 10 साल से अधिक दैनिक भत्ता पर कार्य करने वालों को तत्काल नियमित किया जाए।

इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से बिशुन राम, अंकित कुमार गौतम, छोटेलाल गुप्ता, मनोज राम, माया देवी और मदन राम समेत दर्जनों महिला व पुरुष कर्मी शामिल थे।

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