रांची। रांची स्थित झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) की फार्मेसी इन दिनों दवाओं की भारी किल्लत से जूझ रही है। ओपीडी और इनडोर, दोनों तरह के मरीजों को डॉक्टर जांच के बाद दवाएं तो लिख रहे हैं, लेकिन अस्पताल की सरकारी डिस्पेंसरी से जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में बाहर से पैसे देकर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
जांच में सामने आया कि 19 जनवरी 2026 को रिम्स फार्मेसी में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, एलर्जी, दर्द, खून की कमी और विटामिन से जुड़ी कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं थीं। फार्मेसी में लगे चार्ट के अनुसार, सूचीबद्ध 64 दवाओं में से अधिकांश के सामने “NA” (नॉट अवेलेबल) लिखा था। मरीजों को केवल गैस की एक-दो दवाएं देकर बाकी दवाएं बाहर से लेने की सलाह दी जा रही थी।
हैरानी की बात यह है कि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के लिए सरकार एनसीडी क्लिनिक चला रही है, लेकिन राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में ही इन बीमारियों की दवाएं नदारद हैं। पैरासिटामोल ड्रॉप्स, आयरन टैबलेट, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, विटामिन डी, जिंक, एंटीबायोटिक्स और ऑइंटमेंट तक उपलब्ध नहीं हैं।
फार्मेसी इंचार्ज का दावा है कि हाल में कुछ दवाएं आई हैं और स्थिति पहले से बेहतर हुई है। वहीं रिम्स प्रबंधन का कहना है कि बाकी दवाओं के ऑर्डर दे दिए गए हैं और जल्द ही सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध होंगी।



