चतरा: झारखंड के चतरा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी व्यवस्था और इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। सदर थाना क्षेत्र के भोज्या गांव में एक तालाब में डूबने से मां और उसकी दो मासूम बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस त्रासदी से परिवार अभी उबरा भी नहीं था कि चतरा सदर अस्पताल में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि मृतकों के पोस्टमार्टम के बदले अस्पताल के एक सफाईकर्मी ने पीड़ित परिवार से 5,000 रुपये की अवैध वसूली की।

ढाई हजार नकद, ढाई हजार ऑनलाइन

संवेदनहीनता की हद तो तब पार हो गई जब आरोपी स्वीपर ने न केवल ढाई हजार रुपये नकद लिए, बल्कि बाकी के ढाई हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर करवाए। एक तरफ घर में तीन-तीन अर्थियां उठी थीं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का नंगा नाच चल रहा था।

प्रशासन का सख्त एक्शन: 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

मामला तूल पकड़ते ही जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। डीसी रवि आनंद ने इसे अत्यंत गंभीर और अमानवीय कृत्य बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। सिविल सर्जन सत्येंद्र सिंहा ने शुरुआती जांच में आरोपों को सही पाया है।

  • मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।

  • सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और प्रबंधक को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है।

दोषियों पर होगी FIR

डीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। दोषी सफाईकर्मी की सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) के साथ-साथ इस खेल में शामिल अन्य कर्मियों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। प्रशासन की इस सख्ती से अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मचा है।

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