-मुख्यमंत्री ने लातेहार और चतरा जिले में चल रहे विकास कार्यों और विधि-व्यवस्था की समीक्षा की
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारा पूरा फोकस योजनाओं की गति को रफ्तार देना है। इस कड़ी में योजनाओं के प्रगति की लगातार निगरानी हो रही है। योजनाएं वास्तविक रूप से धरातल पर उतरे। योजनाएं सही समय पर पूरी हो। आम लोगों को तमाम योजनाओं का पूरा लाभ मिले। इसमें अधिकारियों-कर्मचारियों की अहम भूमिका है। आप अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी के साथ निभाएं, वरना आपके खिलाफ सरकार कार्रवाई करने को बाध्य होगी। मुख्यमंत्री मंगलवार को लातेहार के न्यू पुलिस लाइन में लातेहार और चतरा जिले संचालित विकास कार्यों और विधि व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास सरकारी कर्मियों की एक बड़ी फौज फौज है। इनके वेतन पर सरकार बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च करती है। इसके बाद भी अगर योजनाओं की गति धीमी हो। योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिले तो आप को बैठाकर वेतन देना कहीं से मुनासिब नहीं होगा। इसलिए आप अपनी जिम्मेदारियों को समझें और इंप्लीमेंटिंग अथॉरिटी होने के नाते गांव-गांव घर-घर तक योजनाओं को पहुंचाएं और राज्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी योजना को लेकर कोई भी कंफ्यूजन है तो उसे जिला या मुख्यालय स्तर के वरीय अधिकारियों को तुरंत जानकारी दें, ताकि उसका समाधान निकले। मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के उपायुक्त को कहा कि वे योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ऐसी कई योजनाएं हैं, जिसे कई विभाग आपस में समन्वय बनाकर संचालित कर सकते हैं । इसके लिए विभाग आपस में को-आर्डिनेशन करें और योजनाओं को जमीन पर उतारने में कोई कमी नहीं रहने दें। मुख्यमंत्री ने लातेहार शहर में न्यू पुलिस लाइन जाने के रास्ते में नदी पर 2016 से बन रहे पुल का निर्माण कार्य अब तक अधूरा रहने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इस पुल का निर्माण करा रहे गायत्री बिल्डकॉन को टर्मिनेट करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने चतरा जिले के टंडवा प्रखंड में जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति योजना का कार्य कर रही श्रीराम ईपीसी कंपनी को भी कार्य की धीमी गति को लेकर शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने चतरा उपायुक्त को इस योजना का रिव्यू कर रिपोर्ट देने को भी कहा । मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की हेराफेरी नहीं होनी चाहिए वरना संबंधित पदाधिकारियों और संवेदक पर कार्रवाई होगी
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
-जल जीवन मिशन के तहत चतरा जिले के 30 और लातेहार जिले के 54 गांव को नल से पानी की सुविधा से आच्छादित करने का कार्य 31 मार्च तक पूरा हो जाना चाहिए। इसकी वीडियोग्राफी कराकर वेबसाइट पर भी अपलोडिंग हो जानी चाहिए।
-चतरा जिले के उपायुक्त को डीएमएफटी फंड से संचालित होने वाली योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 1 सप्ताह के अंदर गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाने का उपायुक्त को मिला निर्देश ।
– चतरा जिले में मुख्यमंत्री पशुधन योजना की धीमी रफ्तार पर जिला पशुपालन पदाधिकारी को लगी फटकार । इस योजना में गति लाने के लिए 21 फरवरी तक की मिली डेट लाइन, वरना किए जाएंगे निलंबित।
-मुख्यमंत्री पशुधन योजना के लाभुकों की वर्तमान आय का डाटा बनाने का निर्देश, ताकि अगले दो वर्ष के बाद इस योजना के माध्यम से उनकी आय में कितनी बढ़ोतरी हुई, उसका आकलन किया जा सके। इस योजना के लाभुकों को अच्छी नस्ल के पशु देने का मुख्यमंत्री के निर्देश दिया ।
-कृषि ऋण माफी योजना को लेकर चतरा जिले के उपायुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी और बैंकों के एलडीएम को डाटा अपलोड करने का निर्देश।
– सिदो -कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ के गठन की प्रक्रिया को लेकर दोनों जिलों के उपायुक्तों को जिला फेडरेशन का गठन करने के साथ राज्य फेडरेशन के लिए दो नॉमिनी भेजने का निर्देश।
-इस वर्ष 15 मार्च तक केसीसी से आवेदकों को कवर करने का निर्देश। इसके साथ केसीसी डेटा को लेकर जो कंफ्यूजन हो रहा है, उसके वेरिफिकेशन के लिए ड्राइव चलाने का उपायुक्तों को मिला निर्देश।
– चतरा जिले के कर्णपुरा में एनटीपीसी के थर्मल पावर स्टेशन के आसपास के इलाके में फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण से संबंधित कार्यों से लोगों को जोड़ने के लिए पहल शुरू होनी चाहिए।
-प्रायरिटी सेक्टर- लैंडिंग से संबंधित आवेदकों और उनको ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में हो रहे कार्यों की उपायुक्त समीक्षा करें। इसके साथ बैंक की शाखाओं में शिविर लगाकर आवेदकों कि लंबित आवेदनों का समाधान किया जाए।
लातेहार जिले में जमीन सर्वे को लेकर जो- जो समस्याएं उत्पन्न हो सकती है ,उसकी लिस्ट तैयार करने का उपायुक्त को दिया गया निर्देश।
– लातेहार और चतरा के पुलिस अधीक्षक को अपने -अपने जिले के 20-20 टॉप प्रायोरिटी वाले आपराधिक केस की लिस्ट तैयार करने, उसका अनुसंधान शीघ्र पूरा कर चार्ज शीट दाखिल करने का दिया गया निर्देश ताकि आपराधिक मामलों में कनविक्शन रेट को बढ़ाया जा सके।
समीक्षा बैठक में मंत्री सत्यानंद भोक्ता विधायक वैद्यनाथ राम और रामचंद्र सिंह, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव अबू बकर सिद्दीकी, सचिव मनीष रंजन , सचिव कृपानंद झा, एडीजी संजय आनंद लाटकर, पुलिस महानिरीक्षक एवी होमकर, लातेहार के उपायुक्त भोर सिंह यादव , एसपी अंजनी अंजन और चतरा के उपायुक्त अबु इमरान, एसपी राकेश रंजन तथा दोनों जिलों के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।