ग्वालियर। भारतीय अंडर-21 हॉकी टीम के सदस्य उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी शारदा नंद तिवारी के पास इंटरनेशनल स्तर पर खेलने का अपार अनुभव है। वह जूनियर विश्व कप और जोहोर कप जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजनों में खेल चुके हैं। पांचवीं बार खेलो इंडिया यूथ गेम्स खेलने के लिए ग्वालियर पहुंचे शारदा ने खेलो इंडिया को एक ऐसा मंच बताया जो नए खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसा फील देता है।

बीते साल भुवनेश्वर में आयोजित जूनियर विश्व कप में देश का प्रतिनिधत्व करने वाले शारदा पाचंवीं बार खेलो इंडिया यूथ गेम्स में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। वह इस ग्रासरूट स्तर के आयोजन में क्वालिटी और एक्सपीरिएंस लेकर आते हैँ। शारदा जैसे कई खिलाड़ी हैं, जो पांचवीं बार खेलो इंडिया के लिए मप्र पहुंचे हैं और ऐसे खिलाड़ियों के आने से न सिर्फ इस आय़ोजन की शोभा बढ़ती है बल्कि इनकी मौजूदगी से नए खिलाड़ियों को काफी कुछ सीखने को मिलता है।

डिफेंडर के तौर पर भारतीय टीम को अपनी सेवाएं दे रहे शारदा ने कहा, – यह एक बहुत अच्छा प्लेटफार्म है। जो बिगनर्स होते हैं उनके लिए खासतौर पर अच्छी चीज है क्योंकि यह उन्हें इंटरनेशनल इवेंट्स जैसा फील देता है। उनको यह पता चलता है कि ओलंपिक, एशियन गेम्स और कामनवेल्थ गेम्स जैसे आयोजन कैसे होते हैं। साथ ही नए खिलाड़ियों को पता चलता है कि देश में किस तरह की प्रतिभाएं हैं और उनके साथ कैसे घुलना मिलना है।–

शारदा ने कहा कि सीनियर खिलाड़ी होने के नाते वह इस बात का ख्याल रखते हैं कि नए खिलाड़ियों (दूसरे राज्यों के भी) को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो और साथ ही जो खिलाड़ी टिप्स के लिए आते हैं, उनकी वह मदद करते हैं। साई स्पोर्ट्स हास्टल, लखनऊ के प्राडक्ट शारदा ने कहा,-ज्यादातर राज्यों के खिलाड़ी एक दूसरे को जानते हैं। हम एक दूसरे के साथ अच्छी तरह मिक्सअप होते हैं। यह भी खेलो इंडिया की एक खासियत है। यहां अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ी एक जगह आकर एक दूसरे से मिलते हैं और अपने अनुभव साझा करते हैं। मैदान में हम गंभीर रहते हैं लेकिन मैदान के बाद हम सभी दोस्त होते हैं।–

उप्र की में कई अच्छे हॉकी खिलाड़ी हैं। यूपी ने राष्ट्रीय टीम को हमेशा अच्छे इंटरनेशनल प्लेयर्स दिए हैं। यूपी की टीम का खेलो इंडिया में हमेशा से अच्छा प्रदर्शन रहा है। 2018 में यूपी की टीम को कई स्थान नहीं मिला था। वह सेमीफाइनल में हारी थी। दूसरी बार पुणे में भी वह सेमीफाइनल में पहुंची। फिर इस टीम ने गुवाहाटी में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद पंचकूला में यूपी की टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया लेकिन उसे रजत से संतोष करना पड़ा था।

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