रांची (आजाद सिपाही)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि यह बजट केवल निराशाओं से परिपूर्ण है। केवल आकर्षक शब्दों का मायाजाल है। चारों तरफ कहा जा रहा है कि आयकर में छूट दी गयी, यह संपूर्ण भ्रामक एवं तथ्यों से परे है। यह बजट विवाह समारोह में 500 रुपये के लिफाफे में 101 रुपये न्योता रखने जैसा है। उन्होंने कहा कि आयकर की छूट जहां पहले 2,50,000 तक की थी, उसमें मात्र 50,000 की वृद्धि की गयी और छूट की सीमा 2,50,000 से बढ़ाकर 3,00,000 कर दी गयी। तीन से छह लाख के बीच पांच प्रतिशत आयकर देना पड़ेगा। आज के वक्त भारत के 80 प्रतिशत लोगों की मासिक आमदनी अधिकतम 25 हजार या उससे नीचे है। मतलब अब गरीबों एवं निम्न आयवर्ग के लोगों को भी निचोड़ा जायेगा। भट्टाचार्य ने बुधवार को कहा कि रोजगार के नाम पर नर्सिंग कॉलेज के स्थापना की बात की गयी, ताकि भाजपा के मित्र कारपोरेट चिकित्सा संस्थानों को प्रत्यक्ष तौर पर मदद पहुंचाई जा सके। रोजगार के सवाल पर युवाओं को कहीं भी कोई आश्वासन नहीं दिया गया। केवल सप्तऋषि नाम दिया गया। यह शब्द आकर्षक तो है लेकिन किसानों, मजदूरों, युवाओं, सूक्ष्म, छोटे और मझौले उद्योग को केवल सब्जबाग दिखाया गया। महंगाई बढ़ाने वाली यह बजट लोगों के लिए नयी चुनौतियों को लेकर आयेगा। भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए था कि देश के सार्वजनिक क्षेत्रों में व्यक्तिगत उद्योग समूह द्वारा जो लूट की प्रक्रिया जारी है, वह कब रुकेगी और लोगों को न्याय और रोजगार मिलेगा। हम इस बजट का पुरजोर निंदा करते हैं और लोगों से भी इसे खारिज करने का आग्रह करते हैं।
बजट केवल आकर्षक शब्दों का मायाजाल है : सुप्रियो भट्टाचार्य
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