झारखंड के नये मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भाषण के बाद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन भाषण दे रहे हैं. हेमंत सोरेन ने कहा कि चंपई सोरेन को मेरे पार्टी और सभी सहयोगी का पूरा समर्थन है. देश की यह पहली घटना है, जब किसी सीएम को राजभवन में अरेस्ट किया गया हो. इसमें राज्यपाल की भी अहम भूमिका है. 31 जनवरी की काली रात लोकतंत्र की काली रात थी. यह पकवान चार साल से पकाया जा रहा था. बड़े ही सुनियोजित तरीके से मुझे गिरफ्तार किया गया. भीम राव अंबेडकर का लोकतंत्र आज खतरे में है. हेमंत सोरेन कहा कि एक आदिवासी सीएम का इतना बड़ा अपमान भी देश की पहली घटना है. इतनी घृणा आदिवासी दलित से कभी नहीं देखी.  ये लोग चाहते हैं कि आदिवासी जंगल में ही रहे. हम जंगल से आ गये तो इन्हें तकलीफ होने लगा. इनका बस चले तो फिर से आदिवासी को जंगल ही भेज दे. अगर ये सोच रहे हैं कि मुझे जेल में डालकर इनके मंसूबे पूरे हो गये तो ये लोग भुल रहे हैं. ये झारखंड है. कहा कि लाखों-करोड़ों डकार कर कई लोग विदेश में बैठ गये. मगर ये उन्हें छू नहीं सके.

मेरे नाम से 8 एकड़ जमीन की कागज लाये, अगर ले आया तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा

पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने बीजेपी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर 8 एकड़ जमीन मेरे नाम से है तो कागज लाये. अगर कागज ले आये तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा. इनके एक एक बात का जवाब माकूल तरीके से दिया जायेगा.कहा कि मैं आंसू नहीं बहाऊंगा. हेमंत सोरेन ने कहा कि बीजेपी ने ना अपने आदिवासी सीएम का पांच साल पूरा करने दिया और न मुझे पूरा करने दिया. इनकी मानसिकता यही है. इन्हें साल 2019 से ही भ्रष्टाचार नजर आने लगा. इनको 2000 से भ्रष्टाचार नजर नहीं आया. ये लोग आदिवासी को हवाई जहाज और बीएमडब्लू गाड़ी में घूमते हुए नहीं देख सकते हैं. ये सामंती मानसिकता के लोग हैं. आगे कहा कि 8 एकड़ जमीन हड़पने का सबूत दे दिया तो मैं राजनीति क्या, झारखंड छोड़ दूंगा. 22 को रामराज आने के बाद इनलोगों ने पहले बिहार को फिर एक आदिवासी मुख्यमंत्री को निशाना बनाया. कहा कि अभी-अभी राजपाल ने अभिभाषण पढ़ा. लेकिन अब क्या फायदा, जब लोकतंत्र को ही खत्म कर दिया. फिर से समय लौटेगा. मैं फिर आऊंगा. इंतजार करें.

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