जयपुर। अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग पॉलिसी के तहत गरीब और मजदूरों को शहर में एक हजार रुपए प्रतिमाह की दर पर टू बीचएचके फ्लैट उपलब्ध करवाने की जेडीए की योजना को झटका लगा है। जेडीए द्वारा तीन बार निविदाएं आमत्रिंत की गई, लेकिन किसी भी फर्म ने इस योजना में रुचि नहीं दिखाई। इसके चलते जेडीए की गरीब और मजदूरों को सस्ती दर पर फ्लैट उपलब्ध करवाने का सपना धूमिल हो गया।

जेडीए के पास वर्तमान में किराए पर देने के लिए करीब 2000 से अधिक आवास मौजूद है। सबसे पहले जेडीए सीकर रोड पर स्थित स्वप्न लोक योजना के फ्लैट किराए पर देने की योजना थी। जेडीए द्वारा तय यह रेंट शहर के मुकाबले पांच गुना कम है। जेडीए की इन फ्लैट्स को 25 साल के लिए किराए पर देने की योजना है।

स्वप्न लोक योजना में आमजन के लिए किराए के तहत फ्लैट देने और किराए से निर्धारण से पूर्व जेडीए ने इलाके में सर्वे करवाया। सर्वे के बाद मिले रुझान के बाद जेडीए ने किराया सहित अन्य शर्ते फर्म के लिए तैयार की है। खास बात यह है कि स्वप्न लोक योजना के आस-पास औद्योगिक एरिया होने के साथ ही कई फैक्ट्रियों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यहां पर काम करने वाले मजदूरों की फ्लैट किराए पर लेने में रुचि दिखाई थी।

जेडीए के मुताबिक स्वप्न लोक योजना पूरी तरह से सुविधा सम्पन्न है। इसमें यहां पर किराए पर रहने वाले मजूदरों के लिए एसटीपी, स्ट्रीट लाइट, कम्यूनिटी हॉल, पार्क सहित अन्य सुविधाओं का विकास किया गया है। मजदूरों को इस योजना की जानकारी देने और स्वप्न लोक योजना के प्रति उनमें रुचि जगाने के लिए जेडीए ने आस-पास के औद्योगिक एरिए में सूचनात्मक बोर्ड भी लगाए है। ताकि गरीब और मजदूर वर्ग इस योजना की जानकारी लेकर इसका लाभ उठा सकें।

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